हिस्ट्रीशीटर का मामा और उसका साथी मुठभेड़ में ढेर, विकास दुबे की तलाश में लगे 7 हजार पुलिसकर्मी

कानपुर. उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात के बिकरु गांव में पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश में एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत छह अफसरों की टीम बनाई गई है। इसमें ठोकिया और ददुआ गैंग का एनकाउंटर करने वाले उत्तर प्रदेश एसटीएफ के भी अफसर शामिल हैं। विकास दुबे के घर को सील कर दिया गया है। कानपुर जोन के आईजी मोहित अग्रवाल ने मौके पर डेरा डाल रखा है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार भी लखनऊ से कानपुर पहुंचे हैं। कानपुर मंडल को सील कर दिया गया है। 7 हजार की संख्या में पुलिसकर्मियों की टीम विकास दुबे की तलाश में लगी हैं। साथ ही देर रात से एक्टिव पांच सौ मोबाइल नम्बरों को ट्रैक किया जा रहा है। उनकी लोकेशन को लेकर सर्विलांस की टीम काम कर रही हैं। बिकरू गांव के एक किलोमीटर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

विकास का मामा और उसका साथी ढेर
रात तीन बजे से पुलिस की टीमें हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में जुटी हैं। इसी बीच सुबह सूचना मिली कि, बिकरु गांव से दो किमी की दूरी पर कुछ बदमाश छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी की। लेकिन पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि, इस मुठभेड़ में विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पाण्डेय और उसका साथी अतुल दुबे ढेर हुआ है। हालांकि, इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के लूटे असलहे भी बरामद हुए हैं। बदमाशों के तीन और साथी थे, वे फरार हो गए। उनकी तलाश में शिवली एरिया में पुलिस टीम लगाई गई है।

डीजीपी बोले- वृहद ऑपरेशन चलाया जा रहा
डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि, विकास दुबे के खिलाफ 60 मामले दर्ज हैं। 24 घंटे पहले राहुल नाम के शख्स ने इसके खिलाफ 307 का केस दर्ज हुआ था। पुलिस रेड कर उसे पकड़ने गई थी। लेकिन जेसीबी लगाकर पुलिस का रास्ता रोका गया था। जिस कारण हमारी गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी। अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश घरों की छत पर थे। पुलिस के पहुंचते ही अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस दौरान सीओ बिल्हौर, तीन सब इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।सात पुलिसकर्मी घायल हैं। बदमाश फरार हैं। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, लखनऊ से फॉरेंसिंक टीम को लगाया गया है। वृहद ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

एडीजी बोले- हम अपनों की मौत बेकार नहीं जाने देंगे

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि, पास के गांव के रहने वाले राहुल तिवारी ने किडनैपिंग, मारपीट, हत्या के प्रयास की तहरीर दी थी। इस मामले में सीओ के नेतृत्व में तीन थानों की फोर्स रेड करने पहुंची थी। लेकिन बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। पांच पुलिसकर्मी, एक नागरिक व एक होमगार्ड घायल हुआ है। हम पुलिसकर्मियों की मौत बेकार नहीं जाने देंगे।

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