अल-अजहर से ‘मास्टर्स इन हदीस’ कर स्वदेश लौटे अल्लामा नोमान मियां का यूपी के पूर्व मंत्री ने किया स्वागत

अयोध्या, रूपईडीहा, नानपारा और बहराइच समेत कई जिलों से पहुंचे उलेमा व शुभचिंतक, पूर्व राज्य मंत्री ब्रिज किशोर सिंह ‘डिम्पल’ व पूर्व प्रधान सैयद तामीर अहमद ने दी शुभकामनाएं।

यूपी : विश्वविख्यात इस्लामी शिक्षण संस्थान अल-अजहर विश्वविद्यालय, काहिरा (मिस्र) से मास्टर्स इन हदीस की उच्च शिक्षा पूर्ण करने के बाद अल्लामा अजहरी सैयद नोमान मियां सोमवार शाम स्वदेश लौटे। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए अयोध्या, रूपईडीहा, नानपारा, बहराइच समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में उलेमा, अनुयायी और शुभचिंतक पहुंचे। फूल-मालाओं और गुलदस्तों के साथ उनका गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।
प्रतिष्ठित अशरफी खानदान से जुड़े सैयद नोमान मियां ने अल-अजहर विश्वविद्यालय में हदीस के साथ-साथ विभिन्न इस्लामी एवं शोधपरक विषयों का गहन अध्ययन कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनकी इस शैक्षणिक उपलब्धि को क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अवसर पर पचलो गांव के पूर्व प्रधान सैयद तामीर अहमद ने कहा कि “अल्लामा अजहरी सैयद नोमान मियां की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी शिक्षा, विद्वता और सकारात्मक सोच समाज में भाईचारे, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगी। साथ ही युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा और ज्ञान के प्रति प्रेरित करेगी।वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री ब्रिज किशोर सिंह ‘डिम्पल’ ने कहा कि “विदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर लौटना न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए सम्मान की बात है। ऐसे प्रतिभाशाली युवा समाज में शिक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करेंगे।”
बताया जाता है कि विश्वविख्यात इस्लामी विद्वान एवं मुकर्रिर हजरत सैय्यद राशिद मियां मक्की किछौछवी के साहबजादे सैयद नोमान मियां की स्वदेश वापसी को लेकर समर्थकों और शुभचिंतकों में विशेष उत्साह रहा। एयरपोर्ट पर स्वागत समारोह के दौरान पूर्व राज्य मंत्री ब्रिज किशोर सिंह ‘डिम्पल’, पूर्व प्रधान सैयद तामीर अहमद, मो. मुस्तकीम, सैयद अदनान सहित अनेक गणमान्य लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर एवं गुलदस्ते भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। उनकी इस उपलब्धि पर उपस्थित लोगों ने शुभकामनाएं देते हुए इसे शिक्षा, शोध और सामाजिक सौहार्द की दिशा में प्रेरणादायी कदम बताया।


