घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू,कछार के गांवों में बढ़ी हलचल प्रति
प्रति घंटे एक सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर, फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे; केंद्रीय जल आयोग की सतत निगरानी।

रिपोर्ट-विनोद कुमार सिंह “अंशू”
रामनगर (बाराबंकी)। मानसून की सक्रियता के साथ घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को नदी का जलस्तर 104.690 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में प्रति घंटे करीब एक सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी में पानी का बहाव तेज होने लगा है, जिससे कछार क्षेत्र में बसे लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी विवेक कुमार ने बताया कि फिलहाल नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है और किसी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। बावजूद इसके आयोग की टीम लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही है तथा हर घंटे रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।जलस्तर बढ़ने का असर तटीय इलाकों में भी दिखने लगा है। कोरिनपुरवा समेत कई गांवों के निकट नदी का पानी पहुंच गया है और बहाव पहले की अपेक्षा तेज हो गया है। हालांकि अभी तक किसी गांव में बाढ़ का खतरा नहीं बना है और जनजीवन सामान्य है।प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

