थाने में घुसकर राज्यमंत्री की हत्या कर विकास दुबे ने ली थी राजनीति में एंट्री, कोई गवाह न मिलने से बरी हो गया था

लखनऊ. उत्तरप्रदेश मेंकानपुर देहात के बिठूर थाना क्षेत्रमें गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग करने वालेहिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 19 साल पहले उसने 2001 में थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने राजनीति में एंट्री ली। नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था।विकास कई बार गिरफ्तार भीहुआ।2017 में लखनऊ में एसटीएफ ने कृष्णा नगर से उसे दबोचा था।

बना रखी थी युवाओं की फौज
हिस्ट्रीशीटर विकासकानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है।उसने कई युवाओं की फौज तैयार कर रखी है। इसी के साथ वह कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा है। 2000 में विकास ने शिवली इलाके के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी थी,जिसमें उसे उम्रकैद की सजा भीहुई थी।

अपराध से बनाई सत्ता में गहरी पैठ

विकास ने अपने अपराधों के दम परपंचायत और निकाय चुनावों में कई नेताओं के लिए काम किया और उसके संबंध प्रदेश की सभी प्रमुख पार्टियों से हो गए। 2003 में शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तबश्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन रहेराज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। उसका इतना खौफ था किकोई गवाह सामने नहीं आया। इसके कारण वह केस से बरी हो गया। इसकी शादी शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क के पास रहने वाले राजू खुल्लर की बहन से हुई थी। ब्राह्मण शिरोमणि पंडित विकास दुबे के नाम से फेसबुक पेज बना रखा था।

नगर पंचायत चुनाव जीता

2002 में जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी तोइसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर,रिनयां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था।2018 में विकास दुबे नेअपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला किया था। तब अनुराग की पत्नी ने विकास समेत चार लोगों को नामजद किया था। 2000 में रामबाबू यादव की हत्याकी जेल में साजिश रचने का आरोपी था। 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। विकास नेराजनेताओं के सरंक्षण से राजनीति में एंट्री की और जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचायतका चुनाव जीत लिया। जानकारी के अनुसार, इस समय विकास दुबे के खिलाफ 60मामले यूपी के कई जिलों में चल रहे हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा हुआ था। हत्या और हत्या कीकोशिशके मामले पर पुलिस को इसकी तलाश थी।

लखनऊ में एसटीफ ने पकड़ा था
विकास दुबे पुलिस से बचने के लिए लखनऊ स्थित अपने कृष्णा नगर के घर पर छिपा हुआ था। इस कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया था। कुछ समय पहले ही एसटीएफ ने उसे कृष्णा नगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एक बार फिर जेल से निकलने के बाद बड़ी घटना को अंजाम दिया है।

आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद

उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात एक बजे दबिश देने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसमें सर्कल ऑफिसर (डीएसपी) और 3 सब इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस बिठूर थाना इलाके के एक गांव में हिस्ट्री शीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, लेकिन उसकी गैंग ने पुलिस पर घात लगाकर छत से हमला किया और विकास दुबे फरार हो गया। बदमाश पुलिस के कई हथियार भी लूट ले गए। घटना के बाद एनकाउंटर में विकासके 3 साथियों को मार गिराया।

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