अयोध्या: SSP आशीष तिवारी के प्रयास से ‘ग्रीन ग्रुप’ ने संभाला मोर्चा, नशाखोरी, घरेलू हिंसा व अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज करेंगी बुलंद

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नशाखोरी बंद करने और महिलाओं को आत्म रक्षा का ज्ञान देने के लिए अयोध्या जिले में एसएसपी आशीष तिवारी (SSP Ashish Tiwari) ने एक ग्रीन ग्रुप बनाया था. ग्रीन ग्रुप की महिलाओं को दो महीने की ट्रेनिंग के बाद एसएसपी ने उनके अभियान के लिए हरी झंडी दिखा दी है. इस ग्रुप के शुरू करने का उद्देश्य घरेलू हिंसा के खिलाफ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा गांवो में चल रहे शराब, जुँआ इत्यादि नशाखोरी से गाँव को मुक्त कराना है.

दो महीने से चल रही थी ट्रेनिंग

अयोध्या जनपद में ग्रीन ग्रुप का निर्माण उन इलाक़ों में किया जा रहा है जिन इलाकों में नशीली शराब के कारण अब तक कई लोगों ने अपने जान गंवा चुके हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कम उम्र के बच्चे नशाखोरी के इस दलदल में लिप्त हैं. एसएसपी आशीष तिवारी (SSP Ashish Tiwari) के निर्देशन वर्ष 2015 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय व दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रो के गैर सरकारी संगठन के सहयोग से अयोध्या में ग्रीन ग्रुप की 120 महिलाओं का प्रशिक्षण 2 महीने से चल रहा था.

एसएसपी ने दी शुभकामना

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद गुरुवार को एसएसपी ने ग्रीन ग्रुप को हरी झंडी दिखाकर उनके अभियान के लिए शुभकामना दीं. इस ग्रुप में तकरीबन पांच गाँव की 130 महिलाएं शामिल हैं. ये महिलाएं घर घर जाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगी. लोगों को नशे से होने वाली नुक्सान के बारे में जागरूक करेंगी. एसएसपी के इस अभियान को लोग भी काफी सराह रहे हैं. ना सिर्फ ग्रामीणों बल्कि शहर के लोगों ने भी एसएसपी के अभियान की सराहना की है.

बता दें कि अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी (Ayodhya SSP Ashish Tiwari) को Smart e-police innovation एवं पुलिस बल की आंतरिक और बाहरी गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए ‘उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था. दिल्ली में सिविल सेवा अधिकारी संस्थान में GFiles पत्रिका की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में एसएसपी अयोध्या आशीष तिवारी को पुलिस बल की आंतरिक और बाहरी गंम्भीर समस्याओं को हल करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया.


https://twitter.com/ayodhya_police/status/1235544929742413824?s=20

महिलाओं को शराब से लड़ने का दिया हौंसला

अयोध्या एसएसपी आशीष तिवारी अक्सर अपने कामों को लेकर चर्चा में रहते हैं, समस्याएं चाहें जनता की हों या पुलिसकर्मियों से जुड़ी आशीष सभी को हल करने के लिए जाने जाते हैं. यह पुरस्कार मिलने की एक वजह आशीष तिवारी की बनाई महिला टीम रही. दरअसल एक अनूठा प्रयोग करते हुए आशीष तिवारी ने गांवों में महिलाओं की एक टीम बनाई, जो घर के पुरुषों की ड्रग्स, शराब, जुआ जैसी बुरी आदतों और घरेलू हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर काम करती है. दरअसल गांव में पुरुषों की शराब और जुए की लत से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को ही होती है और महिलाओं की टीम बनाकर आशीष तिवारी ने उनमें एक आशा की लौ जगाई.

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