बाराबंकी : मैन्यू में मटर पनीर-रोटी मक्खन, खिलाया जा रहा छोला-पूड़ी

निष्ठा प्रशिक्षण के लिए मिले धन में खेल,पांच दिवसीय प्रशिक्षण खाने पर मिला 1.5 लाख।

दरियाबाद (बाराबंकी) : दरियाबाद ब्लाक के दुल्हदेपुर में निष्ठा प्रशिक्षण का तीसरा बैच चल रहा है। बुधवार को निष्ठा प्रशिक्षण के तीसरे बैच का आखिरी दिन रहा है। शासन ने प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों के खाने समेत प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए खजाना लुटाया, तो लूटने में जिम्मेदार भी पूरी निष्ठा से जुटे हैं। खाने के लजीज व्यंजनों का मैन्यू के साथ शासन ने धन दिया, लेकिन मैन्यू को दरकिनार कर खाना खिलाया जा रहा है। गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। भोजन, स्वच्छता से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के लिए मिले धन का बंदरबांट किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता है। निष्ठा प्रशिक्षण में हो रहे धन में खेल पर जिम्मेदारों की नजरें बंद है।आज भी कुछ ऐसा ही हाल रहा।

शासनादेश के मुताबिक प्रत्येक बैच में 150 शिक्षकों को निष्ठा के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। निष्ठा में 150-150 शिक्षकों को शामिल कर प्रशिक्षण देना है। इस समय तीसरा बैच का प्रशिक्षण चल रहा है। तीसरे बैच के प्रशिक्षण का बुधवार को अंतिम दिन रहा है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को सुबह के नाश्ते, दोपहर के लजीज भोजन व शाम का नाश्ता देने के लिए डेढ़ लाख रुपया शासन ने सिर्फ भोजन पर दिया है। लेकिन यहां शासनादेश का कोई असर नहीं है। मनमर्जी जारी है। बुधवार को निष्ठा प्रशिक्षण की हकीकत देखी गई। यहां पर दोपहर एक बजे खुले मैदान में खाना बनाया जा रहा है। यहां मैन्यू के अनुसार मटर पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वैज, रोटी मक्खन, गाजर का ड्राई फूट पड़े हलवें की जगह चने का छोला व आलू, गोभी, शिमला मिर्च की सब्जी बनाई जा रही थी। वहीं जीरा चावल की जगह प्लाव बनाया गया था। मिठाई में गाजर के हलवें की जगह इमरती थी। वो भी बाजार से बनी बनाई बताई गई।

यहां पर खाना की व्यवस्था देख रही महिला ने बताया कि छोला, मिक्सपूड़ी, चावल, रायता, पापड़ व इमरती, सलाद तैयार किया गया है। मैन्यू के अनुसार भोजन न देने में बारिश का बहाना किया गया। यही नहीं भोजन में प्रयोग की जाने वाली सामग्री भी घटिया नजर आई। मैन्यू के मुताबिक भोजन न देकर शिक्षकों के लिए आए धन में बंदरबांट किया जा रहा है। यही नहीं स्वच्छता के लिए 5 हजार रुपए पांच दिन के लिए मिलते हैं। बावजूद स्वच्छता नहीं है। प्रतिबन्ध के बावजूद प्लास्टिक ग्लास में पानी पिलाया जा रहा है।बीइओ ने बताया कि मेन्यू के अनुसार खाना बनाया जा रहा है। वहीं बीएसए वीपी ने बताया कि मामलें की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

यह है पांचवे दिन का मैन्यू :

सुबह का नाश्ता : कॉफी/चाय के साथ वेज ककलेट, हलवा एवं फ्रैश फ्रूट

दोपहर का भोजन : मटर पनीर, मलाई कोफ्ता, मिक्स वैज, रोटी मक्खन सहित जीरा राइस, सलाद, बूंदी रायता, पापड़, आचार, गाजर का हलवा (ड्राई फ्रूट समेत)

संध्याकालीन नाश्ता : समोसा एवं चाय या कॉफी

प्रत्येक बैच पर इतना मिला धन :

बतातें हैं कि पांच दिवसीय प्रत्येक बैच के प्रशिक्षण पर डेढ़ लाख भोजन पर, स्टेशनरी पर 15 हजार, प्रशिक्षण हाल का किराया 30 हजार, सहायक सामग्री तीन हजार, स्वच्छता पर पांच हजार, डीजल व फोटो ग्राफी पर 5 हजार।

सेहत से खिलवाड़ :

शासन ने निष्ठा प्रशिक्षण में भले ही शिक्षकों की सेहत का ख्याल रख मैन्यू बनाया हो, परन्तु यहां शिक्षकों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। गंदगी के बीच भोजन बनाया जा रहा। भोजन जहां रखा भी जाता है, वहां कूड़ा पड़ा हुआ है। गंदगी के बीच बन रहे भोजन से सेहत को नुकसान का खतरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !! © KKC News