अयोध्या : भेलसर पेट्रोल पम्प पर समाजसेवी विनोद सिंह द्वारा आयोजित भंडारे में बही सौहार्द की गंगा

भेलसर(अयोध्या) ! सावन के पावन अवसर पर रुदौली तहसील क्षेत्र के भेलसर स्थित आशीर्वाद पेट्रोल पंप पर श्री महारुद्राभिषेक पूजन के भव्य भंडारे का आयोजन हुआ।समाजसेवी विनोद सिंह के सान्निध्य व संरक्षण में आयोजित पूजन की शुरुवात पुरोहित आचार्य श्रवण तिवारी द्वारा वैदिक मंत्रोंचार के साथ हुई।पुरोहित आचार्य श्रवण जी ने सावन महीने में रुद्राभिषेक के महत्व के बारे में बताया। 11 रुद्र-शंभु, पिनाकी, गिरीश, स्थाणु, भर्ग, भव, सदाशिव, शिव, हर, शर्व, एवं कपाल के बारे में विस्तुत रूप से बताया। इस दौरान वेदी पूजन, सर्वदेव पूजन, शिव पूजन, नवग्रह पूजन षोडशोपचार मंत्र के साथ हुआ। फिर अभिषेक हुआ।इस अवसर पर समाजसेवी के अनुज जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विमल कुमार सिंह राजू व उनकी माता जी ने भी भूतभावन भगवान शिव की पूजा अर्चना कर जल, घृत ,दही ,दूध व शहद से अभिषेक किया।समाजसेवी विनोद सिंह ने बताया कि सावन मास में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है।मान्यता है कि सावन में रुद्राभिषेक से जहां हर तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है वहीं मनचाही मुराद भी पूरी होती है।शहर व ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न शिवमंदिरों से लेकर घरों तक इन दिनों भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है।श्रद्धालु व्रत रखकर पूजा अर्चना में जुटे हैं।मुख्य पुरोहित श्रवण तिवारी के मुताबिक रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक। शिव और रुद्र परस्पर एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। शिव को ही ‘रुद्र’ कहा जाता है, क्योंकि रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र: यानी भोले सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दुखों के कारण हैं।रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।नेवादा गांव के नान्ह महाराज व पुरोहित श्रवण तिवारी ने बताया रुद्रहृदयोपनिषद में शिव के बारे में कहा गया है कि सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका अर्थात सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं। हमारे शास्त्रों में विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक के पूजन के निमित्त अनेक द्रव्यों तथा पूजन सामग्री को बताया गया है। साधक रुद्राभिषेक पूजन विभिन्न विधि से तथा विविध मनोरथ को लेकर करते हैं। किसी खास मनोरथ की पूर्ति के लिए तदनुसार पूजन सामग्री तथा विधि से रुद्राभिषेक किया जाता है।सात घंटे के पूजन के बाद आरती तब विशाल भंडारा का आयोजन हुआ।भंडारे में क्षेत्र के सभी जाति धर्म के लोग बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण कर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।इस अवसर पर नान्ह महाराज,पवन गौतम,रामचंद्र यादव,मास्टर धर्मेंद्र प्रताप सिंह,प्रताप बहादुर सिंह,क्षेत्र पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव,आनंद शुक्ल,मास्टर उजेर अहमद,पूर्व जिला पंचायत सदस्य जग प्रसाद रावत,मो0 अली,बालचंद्र गुप्ता,ज्ञान प्रकाश मिश्र,शशांक गुप्ता,सुखदेव,देवेंद्र सिंह,पंकज सिंह,पप्पू यादव,सीताराम यादव,अर्पित मिश्र,तेज बहादुर सिंह,नजमी भाई,मो0 असलम, मो0 मेराज,इंजी सरफराज ,मैनुद्दीन, लोग उपस्थित रहे।

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