अखिलेश यादव की सभा में सपा के पोस्टर से मुलायम का चित्र गायब


एटा। बुधवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की एटा के राजकीय इंटर कालेज मैदान में हुई सभा में सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का चित्र नदारद होने से इससे सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। सभी बैनरों में सबसे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव का चित्र था, जबकि बीच में मायावती को स्थान देकर उनके बाद रालोद के अजीत सिंह को स्थान दिया गया था।
बैनर के दूसरी ओर एटा से चुनाव लड़ रहे सपा प्रत्याशी का चित्र था। बैनर के ऊपर की ओर प्रदर्शित चित्रों में एक में सपा महासचिव रामगोपाल थे तो दूसरे में आजम खां। सपा के संस्थापक रहे मुलायम सिंह यादव ही नहीं, बैनर से राममनोहर लोहिया या अम्बेडकर व कांशीराम भी पूरी तरह गायब थे। सपा कार्यकर्ताओं में इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखी गयी। इनमें लोहिया, अम्बेडकर व कांशीराम के चित्र न होने पर तो लोगों की प्रतिक्रियाएं सामान्य ही थीं लेकिन मुलायम सिंह का चित्र न होने से कार्यकर्ता नाराज हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ‘मायावती व मुलायम सिंह के मध्य अब भी चल रही खटास के चलते मुलायम का चित्र नहीं लगाया गया है।’ तो कुछ के अनुसार ऐसा ‘मुलायम के गठबंधन के विरोध में दिये बयानों के जवाब में किया गया है।’
एक वर्ग की प्रतिक्रिया थी कि यह ‘अखिलेश का अपना व्यक्तित्व मुलायम सिंह से अलग व स्वतंत्र दिखाने का प्रयास है।’ तो एक अन्य वर्ग का मानना था कि इसके पीछे ‘मुलायम सिंह का अपने भाई शिवपाल सिंह के लिए रह-रहकर उभर आता प्रेम’ कारण है। वहीं कुछ युवाओं की टिप्पणी थी कि ‘अखिलेश यादव ने भी भाजपा की तरह अपने बुजुर्ग को बैनर, पोस्टरों से बीआरएस दे दिया है।’ अखिलेश यादव ने सभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह के मैनपुरी से चुनाव लड़ने, उनके पक्ष में मायावती के साथ सभा करने का उल्लेख करते हुए मुलायम सिंह की विजय के ‘देश में सर्वाधिक मतों से विजयी होने वाले सांसदों में एक होने’ के दावे किये थे किन्तु सभामंच ही नहीं, कार्यक्रम स्थल पर लगे प्रायः सभी बैनरों से गायब मुलायम सिंह ‘सपा में सब कुछ ठीक न होने’ की कहानी ही बयां कर रहे थे।

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