जहरीली शराब से 38 लोगों की मौत के बाद DGP का बेतुका बयान, नहीं चला सकते साल भर अभियान

उत्तर प्रदेश में अवैध शराब बनाने और उसकी बिक्री पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सरकार कोई भी हो पुलिस व आबकारी विभाग की नाक के नीचे अवैध शराब का धंधा बदस्तूर जारी रहता है। सहारनपुर और कुशीनगर जिला का है यहां जहरीली शराब पीने से 24 घंटे के भीतर 38 लोगों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। जबकि दर्जनों अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इसी कड़ी में यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि 365 दिन हम अभियान नहीं चला सकते है।

डीजीपी ओपी सिंह ने आगे कहा कि मिलावटी शराब के खिलाफ हमारा अभियान चलता रहता है। हम मीडिया को बताकर अभियान नहीं चला सकते है। डीजीपी ने कहा कि सहरानपुर मामले में इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल डीजीपी आईजी गोरखपुर और सहारनपुर से रिपोर्ट तलब की है।

आपको बता कि कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने वाले पांच और लोगों की गुरुवार को मौत हो गई। बुधवार को भी पांच लोगों की मौत हुई थी। प्रशासन ने इस मामले में थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत नौ लोगों को सस्पेंड कर दिया है। कच्ची शराब बेचने वालों पर मुकदमा दर्ज कर एक कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है। उधर शुक्रवार को सहारनपुर के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई। मामले अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस अभी जांच की बात कर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दे रही है।

जहरीली शराब की बिक्री को रोकने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है। लेकिन देखा गया है कि राज्य में अवैध शराब माफियाओं का हौसला हमेशा बुलंद ही रहता है। अखिलेश सरकार में उन्नाव और लखनऊ में जहरीली शराब पीने से 33 लोगों की मौत हो गई थी। उस वक्त भी कार्रवाई की बात कही गई थी।

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