NGT ने ठोंका योगी सरकार पर 25 लाख का जुर्माना

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लखनऊः राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को ऊपरी गंग नहर में गंदा पानी गिरने से रोकने में नाकाम रहने पर उत्तर प्रदेश सरकार पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने कहा कि किसी जलधारा में सीवर का पानी गिराना अपराध है।

एनजीटी प्रमुख न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उचित कूड़ा प्रबंधन और इसके शोधन के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। स्वच्छ पर्यावरण मौलिक अधिकार है और अधिकारियों की उदासीनता से दंडात्मक कार्रवाई करके निपटा जाना चाहिए। अधिकरण ने राज्य सरकार की इस दलील पर गौर किया कि निवाड़ी में सीवेज शोधन संयंत्र 6 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। उसने शहरी विकास मंत्रालय को एक शपथ पत्र के साथ 35 लाख रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी देने को कहा। अधिकरण ने कहा, ‘‘मुख्य सचिव इस अधिकरण के सामने प्रगति रिपोर्ट पेश करें। सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर को देखते हुए मामले को अधिकारियों के सर्वोच्च स्तर से देखा जाना चाहिए।’’

एनजीटी ने इससे पहले प्रदूषण रोकने की समय सीमा के साथ एक संयुक्त समिति गठित की थी, जिसमें स्थानीय निकायों के निदेशक और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता शामिल थे। उन्हें कार्य योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अधिकरण स्थानीय निवासी विवेक त्यागी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया कि निवाड़ी नगर पंचायत ने ऊपरी गंग नहर तक गैरकानूनी तरीके से नाली प्रणाली बनाई है।

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