SSP के तुगलकी फरमान से भुखमरी की कगार पर टेम्पो-ई रिक्शा चालक

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नेथानी ने जब से यातायात दुरुस्त करने की कमान संभाली है, तब से ई-रिक्शा और टेम्पो चालकों के साथ ही आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका यातायात को दुरुस्त करना कहीं से भी गलत नहीं है लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खामियाजा गरीब ई रिक्शा और टेम्पो चालकों को झेलना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आम जनता भी इससे प्राभावित हो रही है। इसके पीछे का कारण है हजरतगंज रूट पर चलने वाले ई रिक्शा और टेम्पो पर रोक लगाना।

हजरतगंज रूट पर बंद हुआ ई रिक्शा और टेम्पो:

राजधानी लखनऊ में हुए प्रत्युष हत्याकांड मामले में वाहवाही लूट चुके राजधानी के एसएसपी कलानिधि लखनऊ की यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी खुद संभाल ली है। जिसके तहत राजधानी में जगह-जगह चेकिंग अभियान लगाया जा रहा है। जिसमें ई-रिक्शा से लेकर अवैध रूप से चल रहे टेंपो टैक्सी के ऊपर भी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही साथ उनका चालान भी किया जा रहा है। लेकिन एसएसपी कलानिधि के प्रयास कहीं ना कहीं टेंपो-टैक्सी चलाकर अपना जीवन यापन कर रहे लोगों पर और उनके परिवारोंके जीवन को भी अच्छा खासा प्रभावित कर रहा है।

परमिट होने के बाद भी पुलिस नहीं चलाने देती ई- रिक्शा और टेम्पो

चालकों का कहना है कि लखनऊ में टेम्पो चलाने का परमिट होने के बावजूद भी पुलिस उनको अपने टेंपो टैक्सी चलाने नहीं दे रही है, जिससे उनके परिवार में भुखमरी के दिन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हमे परमिट देती है, लेकिन पुलिस के ऐसे फैसलों के बाद हमारे लिए परमिट का क्या फायदा। खुद एसएसपी सरकार के परमिट को नहीं मानते

ई रिक्शा यूनियन और टेंपो यूनियन में SSP के फैसले से आक्रोश:

वही अगर ई रिक्शा की बात करें तो एसएसपी के तुगलकी फरमान के तहत इनको भी हजरतगंज जैसे पॉश इलाके से लेकर अन्य कई जगह पर ई रिक्शा चलाने पर पूर्णता पाबंदी लगा दी है, जिससे लोगों को भी अच्छी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं ई रिक्शा यूनियन और टेंपो चालक यूनियन में पुलिस के द्वारा लिए गए इस फैसले से काफी रोष भी देखा जा रहा है।

टेम्पो चालक यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि चौक से जनपद के लिए हमारे पास परमिट है, लेकिन गाड़ियाँ यहाँ आने नहीं दी जाती। अतिक्रमण के नाम पर हमारा शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेशक वहां टेम्पो स्टैंड न बनाये लेकिन चौक से जनपद तक सवारियां तो लाने ले जाने दे, क्योंकि इस रूट पर स्कूल है, अस्पताल है, मेडिकल कॉलेज है। पर टेम्पो न चलने से सवारियों को इससे दिक्कत होती है।

वहीं टेम्पो स्टैंड के लिए नगर आयुक्त से बात करके कोई रास्ता निकाला जाये कि हमे स्टैंड के लिए जगह मिले।

जनता भी है परेशान:

बता दें कि केवल टेम्पो और ई रिक्शा चालक ही नहीं हैं जिनपर एसएसपी के फैसले का असर पड़ रहा है, बल्कि आम जनता के लिए भी ये फैसला परेशानी का सबब बन गया है। टेम्पो न चलने से हजरतगंज क्षेत्र में जनता को भी आने जाने में असुविधा होती है।

अब यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि एसपी कलानिधि नेथानी द्वारा लिया गया फैसला जनता के लिए कारगर साबित होता है या सैकड़ों परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच कर अपना दम तोड़ देंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !! © KKC News