मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर अंकुश की तैयारी में योगी सरकार!


सरकार के फैसलों पर आए दिन हमला बोलने वाले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर योगी सरकार ने अंकुश लगाने की तैयारी कर ली है। शायद यही वजह है कि अब तक ओम प्रकाश राजभर से सरकार विरोधी टिप्पणियों पर चुप्पी साधने वाले भाजपा नेता अब अचानक उन पर हमलावर हो गए हैं। इसकी शुरुआत सीएम और डेप्युटी सीएम ने खुद की। योगी ने जहां राजभर की हालिया टिप्पणी को विनाश काले विपरीत बुद्धि करार दिया, वहीं केशव मौर्य ने तो उन्हें हद में रहने की नसीहत दी है। इसके बाद भी राजभर के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया। भाजपा नेताओं के पटलवार पर राजभर ने कहा कि समय बताएगा कि किसका विनाश काल है और किसकी विपरीत बुद्धि है।

भाजपा शर्त से पीछे हटी
बकौल राजभर भाजपा से समझौते के पीछे उनकी शर्त थी कि सरकार बनते ही वह पिछड़ों और दलितों के आरक्षण में वर्गीकरण कर उन्हें तीन हिस्सों में बांट देंगे, ताकि अति पिछड़ी और अति दलित जातियों को भी आरक्षण का लाभ मिल सके। सरकार में उन्हें मंत्री तो बनाया गया लेकिन आरक्षण में वर्गीकरण अभी तक नहीं हुआ। इससे नाराज ओम प्रकाश लगातार सरकार पर टिप्पणी करते आ रहे हैं। यह बात अलग है कि अब तक भाजपा नेता उन्हें अनसुना करते रहे और मौके-बे-मौके उन्हें मनाने की भी कोशिशें करते रहे। पिछले दिनों पार्टी के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली में राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता उनकी शर्त से पीछे हट रहे हैं। मंत्री बनाने के बाद भी भाजपा नेताओं द्वारा लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने रैली में इस्तीफे की भी पेशकश की थी।

भाजपा नेताओं ने तोड़ी चुप्पी
जिलों के नाम बदलने के सरकार के फैसले पर भी राजभर ने टिप्पणी की। साथ ही यह भी कहा कि यदि नाम बदला ही है तो भाजपा अपने तीन मुस्लिम नेताओं के भी नाम बदले। माना जा रहा है कि राजभर की यह टिप्पणी भाजपा नेताओं को कतई बर्दाश्त नहीं हुई। इसके चलत जहां सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि राजभर को टिप्पणी से पहले इतिहास में झांक लेना चाहिए था। उन्होंने रामायण नहीं पढ़ी। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर योगी तक ने उन्हें सीमा में रहने की नसीहत डे डाली।

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