अयोध्या : सुप्रीम फैसले पर राम की नगरी ने बरकरार रखी मर्यादा

अयोध्या : सुप्रीम फैसले पर राम की नगरी ने बरकरार रखी मर्यादा

सड़क व बाजार करा रहे थे जेठ की दुपहरी का एहसास,मुस्तैद रहे सुरक्षा बल,हूटर बजाते दौड़ती रही गाड़ियां

अमरजीत सिंह-ब्यूरो रिपोर्ट

अयोध्या ! वर्षों से राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए आस जोह रही रामनगरी के वासियों की आस शनिवार को पूरी होती नजर आई। राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद में जमीन के मालिकाना हक की सुनवाई कर रही सर्वोच्च अदालत में रामलला के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया।फैसले को लेकर बेकरार रामनगरी फैसला आने के बाद भी असलियत नहीं हुई और राम नगरी ने प्रभु श्री राम की मर्यादा को बरकरार रखा।फैसले के मद्देनजर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।जगह-जगह टोका टाकी तो थी लेकिन आने जाने पर कोई रोक नहीं थी।बावजूद इसके फैसले को लेकर सड़क और बाजार में जेठ की दुपहरिया जैसा माहौल था।हर ओर सुरक्षा बल के जवान मुस्तैद थे तो सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां हूटर बजाते हुए दौड़ रही थी।आला अधिकारी घूम घूम कर हालात का जायजा लेते रहे तो दूसरी पहर अफसरों ने हेलीकॉप्टर से जिले की सीमा और पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने रूट मार्च भी किया।
शुक्रवार की शाम सुप्रीम कोर्ट की ओर से अयोध्या विवाद के सुप्रीम फैसले के लिए शनिवार 10:30 बजे का समय तय किए जाने की खबर के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मची तो अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया।जनपद की सीमाओं से लेकर विभिन्न मार्गों पर बैरियर एक्टिव कर दिए गए। विवादित परिसर की ओर जाने वाले गली कूचे और रास्तों को बांस बल्ली और ट्रैफिक बैरियर से घेर दिया गया।पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भ्रमणशील होकर सुरक्षा और शांति व्यवस्था की निगरानी में जुट गए। आने जाने वालों की जांच और तलाशी शुरू हो गई।पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की आपात बैठक कर जरूरी हिदायतें दी गई और रात भर चली कवायद में जिला प्रशासन ने तय रणनीति को जमीन पर उतार दिया।शनिवार की सुबह से ही सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिक गई। आला अधिकारी पल-पल की खबर लेते रहे और शासन को बताते रहे। शासन प्रशासन की ओर से केवल स्कूल कॉलेजों को बंद किया गया था आवागमन और बाजार खोलने पर कोई रोक नहीं थी बावजूद इसके हाईवे से लेकर विभिन्न मार्गों पर तथा बाजारों में भीड़ नदारद थी। माहौल जेठ माह की दुपहरिया जैसा एहसास करा रहा था।वहीं हर आम और खास यह जानने की उत्कंठा में रहा कि आखिर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला क्या सुनाया? वह समय भी आया और वर्षों से चले आ रहे इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपना फैसला सुना दिया।अदालत की संविधान पीठ ने विवादित स्थल पर ही राम जन्मभूमि होने पर अपनी मोहर लगा दी। चार पहिया वाहनों पर सवार हूटर बजाती दौड़ रही महिला पुलिस बल की शेरनिया,जोन और सेक्टर की कमान संभाले मजिस्ट्रेट,चप्पे-चप्पे पर फैले पैरामिलिट्री फोर्स के जवान,मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पैदल गश्त कर रहे सुरक्षा बल,आधुनिक साधन संसाधन से लैस बाइकों पर गश्त लगा रही चीता मोबाइल दस्ते, व्यवस्था की निगरानी के लिए इधर-उधर दौड़ रहे अधिकारी आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिला रहे थे। सुप्रीम फैसले का रामनगरी ने खुले दिल से स्वागत किया और अपनी गंगा जमुनी तहजीब की विरासत को बरकरार रखते हुए नगरी की मर्यादा का पालन किया। आला अधिकारियों ने दूसरी पहर हेलीकॉप्टर से जिले की सीमा तथा भीतर और ट्रैफिक व्यवस्था का हवाई सर्वेक्षण किया।जिला अधिकारी अनुज कुमार झा और एसपी ऑफिस तिवारी ने बताया कि पूरे जनपद में हालात सामान्य हैं। शांति व्यवस्था के लिए अधिकारियों के नेतृत्व में भारी तादाद में पुलिस फोर्स ड्यूटी में लगी है। जगह जगह जहां तलाशी का काम चल रहा है। पुलिस प्रशासन को आम जनता के साथ ही संगठनों का भी पूरा सहयोग हासिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि आसन पर्व त्यौहार को कड़ी चौकसी के बीच सकुशल संपन्न कराया जाएगा। हौसले पर खुशी और गम के इजहार पर रोक लगाई गई है ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

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