तो अब योगी सरकार कन्या सुमंगल योजना से बालिकाओं को देगी 15 हजार रूपए

अयोध्या ! सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक और पारिवारिक परिस्थितियां महिलाओं और बालिकाओं के लिए अनादि काल से भेदभाव पूर्ण रही हैं। फलस्वरूप वे अपने जीवन संरक्षण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। समाज में अभी भी प्रचलित कुरीतियों एवं भेदभाव जैसे कन्या भू्रण हत्या, असमान लिंगानुपात, बाल विवाह एवं बालिकाओं के प्रति नकारात्मक सोच के कारण महिलाओं एवं बालिकाओं को उनका पूर्ण अधिकार नहीं मिल पा रहा है। यह बात अयोध्या जिले में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक आनंद ने कही। उन्होंने बताया कि इन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश की सरकार की ओर से बालिकाओं एवं महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ विकास के नए अवसर प्रदान करने के लिए ‘कन्या सुमंगला’ योजना प्रारंभ कर नई पहल की गई है। इस योजना को सरकार एवं शासन की महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता के दृष्टि से देखा जाना चाहिए।प्रभारी जिलाधिकारी श्री आनंद ने बताया कि इस योजना के लागू होने से महिला एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति में सुधार होगा। कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लगेगा। समान लिंगानुपात स्थापित होगा। बाल विवाह की कुप्रथा रुकेगी। बालिका के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित कर उनके उज्जवल भविष्य की आधारशिला रखी जा सकेगी।सीडीओ ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना को छह श्रेणियों में बांटा गया है। इसके तहत प्रथम श्रेणी में एक अप्रैल 2019 के पश्चात जन्म ली बालिका को एकमुश्त दो हजार रूपये, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण के उपरांत एक हजार रूपये, श्रेणी तीन में कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत एकमुश्त दो हजार रूपये, श्रेणी चार के अंतर्गत कक्षा छह में बालिका के प्रवेश के उपरांत एकमुश्त दो हजार रूपये, श्रेणी के अंतर्गत कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरांत एकमुश्त तीन हजार रूपये तथा श्रेणी छह के अंतर्गत ऐसी बालिकाएं जिन्होंने कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण करके स्नातक डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो को एकमुश्त पांच हजार रूपये प्रदान किए जाएंगे।जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन किसी भी प्रकार से किया जा सकता है। योजना की पात्रता के तहत लाभार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी हो। उसकी पारिवारिक वार्षिक आय तीन लाख से अधिक न हो। लाभार्थी के परिवार का आकार साइज अर्थात परिवार में अभिभावक व दो बच्चे हों। किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ अनुमन्य होगा। यदि किसी महिला को पहले प्रसव में बालिका है व द्वितीय प्रसव में जुड़वा बालिका ही होती है तो केवल ऐसी अवस्था में ही तीनों बालिकाओं को लाभ अनुमन्य होगा।

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