जब दारोगा ने भाई बनकर वर-वधू को दिया दान

अर्जुन यादव की रिपोर्ट

मवई(अयोध्या) ! रूदौली तहसील के धमौरा गांव में स्थित एक इंटर कालेज में आयोजित सामूहिक शादी समारोह में वैवाहिक बंधन में बंधने वाली एक कन्या ऐसी भी थी। जिसका‌ कोई भाई न था। यह बात जब पटरंगा में तैनात दारोगा रणजीत यादव को पता चली। तत्काल उन्होंने कन्या को अपनी बहन मान‌ लिया। बोले, आज से मैं तुम्हारा भाई और तुम मेरी बहन।थानों व पुलिस चौकियों में लिखी यह लाइनें ‘उत्तर प्रदेश पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर है’।

तहसील रूदौली के जखौली गांव में आयोजित हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह।

यहां जखौली में दारोगा रणजीत यादव ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को बखूबी निभाया बल्कि समारोह के मंच पर कुशल संचालक की भूमिका भी निभाई। उन्होंने आमजन से दहेज की मांग को खारिज करने की अपील की। बोले कि मां अपने कलेजे के टुकड़े यानी बेटी को आपको सौंपती है तो उस पर क्या गुजरती है जरा अपनी मां या बहन से पूछिए। उन्होंने विदाई के मौके पर माहौल भावुक कर दिया। इतना ही नहीं एक कन्या का भाई बनकर उन्हें घरेलू सामान दान दिया। इस दौरान उनके साथ डीसी एनआरएलएम राम बहाल यादव भी मौजूद रहे।

कन्या पक्ष से खाकी कर रही थी अगुवानी।

जिस तरह द्वार पूजा के लिए वधू पक्ष की ओर से कन्या के पिता व अन्य सदस्य व नाते-रिश्तेदार स्वागत में अगुवानी करते हैं।यहां सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में कन्या पक्ष की तरफ से वर पक्ष के स्वागत की अगुवानी स्वयं पटरंगा थाने के उपनिरीक्षक रणजीत यादव व हाईवे चौकी इंचार्ज भीमसेन यादव समेत पुलिस के जवान कर रहे थे। इतना ही नहीं दारोगा रणजीत यादव ने सामूहिक विवाह समारोह का कुशल संचालन भी किया।

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