‘मोदीजी को सुनने कोई नहीं आ रहा, दारू-साड़ी-पैसा बांटना होगा’ सुने ऑडियो

यह वायरल ऑडियो मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह और शिवराज सिंह के सबसे करीबी माने जाने वाले विदिशा प्रत्याशी मुकेश टंडन का बताया जा रहा है।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत की जद्दोजहद के बीच ऑडियो-वीडियो का दौर भी जारी है। कभी शिवराज तो कभी कमलनाथ और कभी कार्यकर्ता या प्रत्याशी चुनावी समर में हर किसी के वीडियो सामने आ रहे हैं। अब एक ऑडियो और सामने आया है जिसने भारतीय जनता पार्टी के खेमे में तहलका मचा दिया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को शिकायत करते हुए यह ऑडियो सौंपा है। ‘जनसत्ता’ इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है लेकिन आयोग को सौंपे गए इस ऑडियो में चौंकाने वाला संवाद सामने आया है।

‘शिवराज के करीबी और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष की बातचीत’
शिकायत में किए गए दावे के मुताबिक यह ऑडियो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेहद करीबी माने जाने वाले विदिशा से भाजपा प्रत्याशी मुकेश टंडन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह के बीच हुई बातचीत का है। इस बातचीत में मोदी की रैली के लिए लोग जुटाने में शराब, साड़ी और पैसे बांटने की जरूरत बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है। टंडन ने इसे फर्जी बताकर जांच की मांग की है। वहीं पार्टी की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

आयोग को मिली शिकायत के मुताबिक ये है पूरा संवाद
पहला व्यक्ति: सर टंडन बोल रहा हूं विदिशा से।
दूसरा व्यक्ति: हां टंडन क्या चल रहा है?
पहला व्यक्ति: थोड़ी सी फंड की समस्या आ रही थी। पार्टी फंड से थोड़ी मदद मिल जाती तो।
दूसरा व्यक्ति: अरे, तुमको क्या समस्या?
पहला व्यक्ति: बहुत समस्या है सर, (कार्यकर्ता के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल)बिना पैसे के कोई काम ही नहीं करना चाह रहा।
दूसरा व्यक्ति: तुम तो हो सक्षम।
पहला व्यक्ति: सक्षम तो हूं सर, मैने डेढ़ करोड़ रुपए अपनी जेब से खर्च कर दिए, लेकिन सर पार्टी फंड से जितना हो जाता।
दूसरा व्यक्ति: अरे तुम चुनाव लड़ रहे हो या पैसा बांट रहे हो। 22 तुम्हारे अकाउंट में आ चुके थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने दो भेजे थे और शिवराज जी ने बताया तीन दिए हैं।
पहला व्यक्ति: सर वो तो सब 25 तारीख की सभा है ना मोदीजी की, उसकी तैयारी में ही लग गए। कोई सुनने ही नहीं आना चाह रहा।
दूसरा व्यक्ति: वो टेंडर का मिला था तुमको उसका क्या हुआ, नगरपालिका का।
पहला व्यक्ति: आखिरी रात में शराब, पैसा ये बहुत लगेगा सर। बिना उसके कैसे जीत पाएंगे।
दूसरा व्यक्ति: चलो करते हैं चर्चा शिवराज जी से, बताता हूं तुमको फिर क्या करना है।
पहला व्यक्ति: सर मुझे तीन करोड़ लगेंगे ही लगेंगे। दारू, पैसा, साड़ी सब करेंगे सर। सीट निकाल लेंगे सर अपनी। बहुत बुरी हालत है, हार जाएंगे सर अपन।
दूसरा व्यक्ति: ठीक है करते हैं चर्चा, लेकिन ध्यान रखना। चुनाव लड़ रहे हो, जीत के ही आना।

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