October 26, 2026

अमेठी के इन्हौना क्रिकेट मैदान से घुमंतू बंजारा समाज के अधिकार और सम्मान की उठी आवाज

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इन्हौना के समागम में राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा, पूर्वजों ने आक्रांताओं और अंग्रेजों से लोहा लिया।

राज्यमंत्री ने कहा -अब समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत।

नगरा गांव से आशिक अली बंजारा की अगुवाई में चार दर्जन से अधिक लोग पहुंचे,

शिक्षा, आवास, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर।

इन्हौना (अमेठी) ! घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों के अधिकार, सम्मान और विकास का मुद्दा शनिवार को इन्हौना में आयोजित घुमंतू गौरव समागम में प्रमुखता से उठा। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू समाज के पूर्वजों ने आक्रांताओं और अंग्रेजों से लोहा लिया था। समाज के इस ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के साथ ही उसे विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। समागम में समाज के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, शिक्षा, आवास, रोजगार और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। नगरा गांव से आशिक अली बंजारा की अगुवाई में चार दर्जन से अधिक लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम का आयोजन अब्दुल गनी बंजारा राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष ऑल इंडिया मुस्लिम बंजारा विकास मंच की अगुवाई में हुआ।

इन्हौना के क्रिकेट मैदान में आयोजित समागम में असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के साथ उनकी बुनियादी जरूरतों पर चर्चा हुई। समागम में रखे गए प्रमुख मुद्दों में भूमिहीन परिवारों को आवास उपलब्ध कराना, आधार और आय प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में सहायता देना तथा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना शामिल रहा।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को लाभ दिलाने, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय तथा सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। घुमंतू समाज के ऐसे परिवार, जिनके पास स्थायी निवास या जरूरी प्रमाणपत्र नहीं हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रभावी पहल की जरूरत बताई गई।नगरा गांव से पहुंचे लोगों के लिए भी समाज की समस्याएं और अधिकार अहम मुद्दे रहे। आशिक अली बंजारा की अगुवाई में आए लोगों को उम्मीद है कि ऐसे आयोजनों से समुदाय की समस्याओं को शासन- प्रशासन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। घुमंतू समुदाय के सामने स्थायी आवास, बच्चों की पढ़ाई और आजीविका के साधन जुटाने जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।समागम का उद्देश्य समाज की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के साथ विकास से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना रहा। अब समुदाय के लोगों की अपेक्षा है कि योजनाओं की जानकारी और घोषणाओं के साथ पात्र परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए धरातल पर भी प्रभावी कार्रवाई हो।

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