रुदौली में 27 स्थानों पर रामलीला का मंचन, ख्वाजाहाल की ऐतिहासिक लीला में राम जन्म का चित्रण
137 साल पुरानी रामलीला में नन्हे राम की ठुमकती चाल ने दर्शकों का मोहा मन,ताड़का के डरावने रूप ने रोमांचित किया, बुधवार को होगा धनुष यज्ञ व राम विवाह।

फोटो कैप्शन : ख्वाजाहाल की रामलीला में राजा दशरथ से उनके पुत्रों को मांगते विश्वामित्र व तड़का का आतंक
रुदौली(अयोध्या) ! शारदीय नवरात्र पर रुदौली तहसील क्षेत्र रामलीला के रंग में रंगा है। मवई थाना क्षेत्र में सात, पटरंगा में 12 और कोतवाली रुदौली क्षेत्र में आठ स्थानों सहित कुल 27 जगहों पर रामलीला का सजीव मंचन हो रहा है। रुदौली नगर के ख्वाजाहाल में चल रही 137 वर्ष पुरानी लीला पूरे क्षेत्र में आस्था और सांस्कृतिक परंपरा की पहचान बनी हुई है।
श्री रामलीला समिति ख्वाजाहाल के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्म और ताड़कावध की लीला का मंचन हुआ। राम जन्म के प्रसंग में उत्सव का माहौल दिखा, जबकि ताड़का के भयावह रूप और वध के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित किया। बाल स्वरूप में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की मनमोहक छवि के साथ ‘ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैजनियां’ की धुन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।राम की भूमिका अक्षत मिश्रा और लक्ष्मण की भूमिका अक्षांश मिश्रा ने निभाई। दशरथ बने बृज किशोर कसौधन, सुमंत बने सौरभ गुप्ता और विश्वामित्र की भूमिका में संतोष राय रहे। ताड़का बने रमेश कसौधन, मारीच बने पुनीत कसौधन और सुबाहु बने वरुण दुबे ने अभिनय किया।समिति के बद्री प्रसाद और शिव कुमार कसौधन ने बताया कि बुधवार को धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद और राम विवाह की लीला होगी। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने पुलिस बल के साथ पंडाल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।इस अवसर पर सुरेंद्र अग्रवाल,रजत अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, अमित गोयल, अखिलेश चौरसिया, रोहित वैश्य, उज्ज्वल धवन ,आलोक गर्ग ,आशीष शर्मा, आदि लोगो ने लीला का आंनद लियय।

