रुदौली की 137 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला के मंच पर राम, लक्ष्मण और सीता बनें नन्हे कलाकार
लीला में अभिनय के साथ मर्यादा, त्याग और संस्कारों को समझ रहे बच्चे,काशीपुर मोहल्ले के तीन बाल कलाकारों की प्रतिभा रामलीला में बटोर रही सराहना।

रुदौली संवाददाता ! शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर रामनगरी अयोध्या के ख्वाजाहाल रुदौली में चल रही 137 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में तीन नन्हे कलाकार अपनी प्रतिभा से धार्मिक प्रसंगों को जीवंत कर रहे हैं। राम, लक्ष्मण और माता सीता की भूमिका निभा रहे तीन बाल कलाकारों के लिए यह मंच केवल अभिनय नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अनूठा अवसर है। छोटी उम्र में महत्वपूर्ण पात्रों को निभाकर ये बच्चे अपनी कला के साथ रामायण के आदर्शों को भी करीब से समझ रहे हैं।
रुदौली नगर के काशीपुर मोहल्ला निवासी कक्षा 6 में पढ़ने 11 वर्षीय अक्षत मिश्रा पुत्र बब्बन मिश्रा भगवान श्रीराम, 11 वर्षीय अक्षांश मिश्रा कक्षा 6 पुत्र मनीष मिश्रा लक्ष्मण और 12 वर्षीय श्रेयांस मिश्रा कक्षा 7 पुत्र दुर्गेश मिश्रा माता सीता की भूमिका निभा रहे हैं। तीनों बाल कलाकारों ने ‘हिंदुस्तान’ से बातचीत में रामलीला में अभिनय के अपने अनुभव साझा किए।इन पात्रों को मंच पर साकार करना बच्चों के लिए गर्व के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। भगवान श्रीराम का चरित्र मर्यादा और सत्य, लक्ष्मण का किरदार त्याग व समर्पण और माता सीता का जीवन धैर्य व साहस की प्रेरणा देता है। संवादों के अभ्यास से लेकर मंच पर भावों की अभिव्यक्ति तक, हर कदम पर उन्हें कुछ नया सीखने का अवसर मिल रहा है।रामलीला के जरिए इन बाल कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रहे हैं।

उनका अभिनय इस बात की मिसाल है कि बचपन में मिले संस्कार और परंपराओं से जुड़ाव भविष्य की पीढ़ी को भारतीय संस्कृति का संवाहक बना सकते हैं।अक्षत मिश्रा ने कहा कि प्रभु श्रीराम का किरदार निभाना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं उनके आदर्शों, सत्य और मर्यादा को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करूंगा।वहीं अक्षांश मिश्रा ने बताया लक्ष्मण जी की भूमिका निभाकर मुझे सेवा, समर्पण और भाई के प्रति प्रेम का संदेश सीखने को मिल रहा है। मैं अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीतना चाहता हूं।सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया लक्ष्मीपति अग्रवाल की अध्यक्षता में हो रही इस ऐतिहासिक रामलीला हमेशा राम लक्ष्मण सीता जैसे प्रमुख पात्र ब्राह्मण कुमारों को ही बनाया जाता है।

रविवार की रात्रि हुई लीला में अक्षत ने श्री हरि भगवान विष्णु अक्षांश कामदेव व श्रेयांस श्री लक्ष्मी जी का शानदार अभिनय किया।लीला के अंत में मृदुल अग्रवाल कमलेश मिश्रा कृष्ण कुमार कौशन रामजी अग्रवाल दिनेश गुप्ता आदि समिति के लोगों ने श्री हरि भगवान विष्णु के विराट स्वरूप की पूजा अर्चना की।

