सऊदी अरब का यमन पर हवाई हमला, हूतियों की रियाद को सीधी धमकी, कहा- ‘करारा जवाब मिलेगा’
<span class="img-name">सऊदी अरब ने यमन पर हवाई हमले किए हैं जिसके बाद हूतियों ने बदला लेने की बात कही है। </span> <span class="img-source">Image Source : AP </span>
- सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में हवाई हमले किए, तेल ठिकानों के पास रहने वालों को पहले चेतावनी दी।
- हूती सैन्य प्रवक्ता ने धमकी दी कि सना पर हमले का जवाब सऊदी राजधानी रियाद में दिया जाएगा।
- रियाद एयरपोर्ट हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा घायल होने की खबर के बाद तनाव बढ़ा।
यमन की राजधानी सना में मंगलवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हवाई हमले किए। हूतियों के नियंत्रण वाले मीडिया चैनल अल-मसीरा और स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी दी। हमले से पहले गठबंधन ने नागरिकों को यमन ऑयल कंपनी के परिसर और आसपास के भंडारण क्षेत्रों को खाली करने की चेतावनी दी थी। इसके कुछ ही देर बाद सना में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमलों में किन ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच हुई है।
हमले से पहले लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक दुर्लभ बयान जारी कर हूतियों के नियंत्रण वाली राजधानी सना के लोगों से यमन ऑयल कंपनी के परिसर और आसपास के भंडारण क्षेत्रों से दूर जाने को कहा। चेतावनी के बाद हूती अधिकारियों ने संभावित हमले की आशंका जताई। यमन ऑयल कंपनी ने कहा कि सुबाहा इलाके में उसके भंडारण केंद्र खाली हैं। कंपनी के मुताबिक, सऊदी अरब के हमले से तेल के भंडार या आम लोगों को होने वाली सप्लाई पर असर नहीं पड़ेगा।
हूतियों की चेतावनी, ‘रियाद को देंगे करारा जवाब’
सऊदी गठबंधन की चेतावनी के कुछ ही समय बाद हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अगर सऊदी अरब ने सना पर हमला किया, तो हूती सऊदी राजधानी रियाद में इसका ‘कड़ा और दर्दनाक’ जवाब देंगे। जिस सुबाहा इलाके को खाली करने की चेतावनी दी गई, वह एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां से राजधानी का नजारा दिखता है। यह घनी आबादी वाला इलाका नहीं है, लेकिन यहां का पेट्रोल पंप आम लोग इस्तेमाल करते हैं। हमले की आशंका के बीच ईंधन की कमी के डर से शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब सऊदी सरकार यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम्स हूतियों की मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में नाकाम क्यों रहे। शनिवार को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। सऊदी गठबंधन ने मंगलवार को यह भी कहा कि रियाद के उत्तर में 3 ड्रोन को रोककर मार गिराया गया।
बाब अल-मंदेब पर कब्जे को लेकर संघर्ष
सऊदी अरब और हूतियों के बीच मौजूदा संघर्ष पिछले महीने शुरू हुआ था, जब हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया। यह लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। यहां से खाड़ी देशों का तेल और अन्य सामान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है। सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रहे बलों की मदद कर रहा है। गठबंधन का उद्देश्य हूतियों से इन अहम इलाकों को वापस लेना है। (AP से इनपुट्स के साथ)

