पटरंगा(अयोध्या) : गरीबी के आगे बेबस हुई जिंदगी, हादसे में घायल युवक ने फां..सी लगाकर दी जान
दो माह पहले सड़क हादसे में घायल हुआ था बिपिन, इलाज के लिए पैसे जुटाना परिवार के लिए बना रहा चुनौती,रविवार की शाम से लापता युवक का घर के पीछे पेड़ से लटका मिला शव।

अयोध्या ! पटरंगा थाना क्षेत्र के बकौली मजरे रानीमऊ गांव में गरीबी और इलाज के संकट ने एक परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं। करीब दो माह पहले सड़क हादसे में घायल हुए 22 वर्षीय बिपिन कुमार वर्मा ने सोमवार को फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार शाम से लापता बिपिन का शव घर के पीछे पेड़ की डाल से गमछे के सहारे लटका मिला। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बकौली निवासी बिपिन करीब दो माह पहले बाराबंकी जिले के भेटरिया चौराहे के पास सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था। हादसे के बाद उसका एक हाथ ठीक से काम नहीं कर रहा था।जिसमें लगातार पीड़ा भी हो रही थी।आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने घायल युवक के इलाज का खर्च जुटाना बड़ी चुनौती बन गया था। शरीर का दर्द, काम करने में असमर्थता और इलाज के लिए पैसों की कमी ने उसकी परेशानियां और बढ़ा दी थीं।रविवार शाम बिपिन अचानक घर से लापता हो गया।परिजन देर रात तक उसकी तलाश करते रहे। सोमवार को घर के पीछे पेड़ पर उसका शव लटका मिला। सूचना पर पहुंची पटरंगा पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव नीचे उतरवाया।रोते विलखते परिजन लगातार पुलिस से पोस्मार्टम न भेजने का निवेदन करते रहे।अंत मे प्रधान प्रतिनिधि सुनील मिश्र व अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस ने पंचनामा किया। थाना प्रभारी शशिकांत यादव ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।
बेबसी के बीच परिवार को अब सहारे की दरकार
बिपिन की मौत से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर जवान बेटे की मौत का सदमा है तो दूसरी ओर आर्थिक परेशानियां सामने खड़ी हैं। ऐसे कठिन समय में समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों को इस जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।ग्रामीणों ने कहा प्रशासन से भी अपेक्षा है कि परिवार की स्थिति को देखते हुए पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की पहल की जाए।

