राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने पहले पूर्णकालिक सीईओ
गोविंद देव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी, तीन नए ट्रस्टियों की भी नियुक्ति।

अयोध्या ! श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासन और संचालन को अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा फैसला लिया। ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को शामिल करने का निर्णय भी लिया गया।मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में अयोध्या स्थित मणिरामदास छावनी में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक की सेवा के बाद अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए हैं। वे वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें सैन्य सेवा के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
संगठनात्मक स्तर पर भी हुआ बदलाव।
ट्रस्ट ने संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव किया है। गोविंद देव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं तीन नए ट्रस्टियों के रूप में अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को शामिल किया गया है। महेश भागचंदका को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है।
मदन मोहन पांडेय अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और रामलला से जुड़े कानूनी मामलों में पैरवी कर चुके हैं। महेश भागचंदका का राम मंदिर आंदोलन से पुराना जुड़ाव बताया जाता है। वहीं निर्मला यादव की नियुक्ति ट्रस्ट में महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप।
ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति को मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक, संचालन और वित्तीय दायित्वों को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सीईओ के रूप में जीतेंद्र मिश्रा मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी कार्यों की निगरानी करेंगे। ट्रस्ट के विस्तार और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।इस फैसले के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।

