बाराबंकी : कोटवाधाम के प्राचीन कुंड का होगा कायाकल्प, विरासत भी रहेगी सुरक्षित
ऐतिहासिक स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं, डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण,महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्थायी बैरिकेडिंग के निर्देश।
बाराबंकी। कोटवाधाम के करीब 356 वर्ष पुराने धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्र में अब विकास और संरक्षण को गति मिलेगी। प्राचीन कुंड के ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए यहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। शनिवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कोटवाधाम पहुंचकर प्राचीन कुंड का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि विकास कार्य कराते समय कुंड की मूल संरचना, ऐतिहासिकता और धार्मिक महत्व से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो। उन्होंने सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर देवब्रत पवार को स्थल की जरूरतों के अनुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने के निर्देश दिए।
महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, सुरक्षा को स्थायी बैरिकेडिंग
कुंड के समीप महिलाओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुंड के आसपास स्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि कोटवाधाम के विकास में सुविधाओं के विस्तार के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
356 वर्ष पुराना है मंदिर और समाधि स्थल
कोटवाधाम में करीब 356 वर्ष पुराना समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का मंदिर एवं समाधि स्थल है। यह स्थान सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यहां बाराबंकी समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत कोटवाधाम में करीब 202.51 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास और यात्री सुविधाओं से संबंधित विभिन्न कार्य स्वीकृत हैं। प्राचीन कुंड का संरक्षण और सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल सरोज, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर देवब्रत पवार, महंत नीलेश दास समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

