August 10, 2026

इस्लामाबाद की मस्जिद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कैडर की संदिग्ध मौत, पढ़ने पहुंचा था नमाज

पाकिस्तान से बड़ी खबर आई है। इस्लामाबाद की मस्जिद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कैडर की संदिग्ध मौत हो गई है। लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कैडर कारी सईद अब्दुल अजीज की इस्लामाबाद की क्यूबा मस्जिद में मौत होने की खबर है। बताया जा रहा है कि कारी सईद ने एक अज्ञात जगह पर खाना खाया था और इसके बाद नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद पहुंचा था।

अचानक गिरा और मर गया कारी सईद अब्दुल अजीज

बता दें कि मस्जिद के गेट पर पहुंचते ही कारी सईद अब्दुल अजीज अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। कारी सईद, लश्कर-ए-तैयबा में उस विभाग की जिम्मेदारी संभालता था, जो जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों में मारे गए लश्कर आतंकियों के परिवारों से संपर्क और उनकी मदद का काम देखता था।

अभी साफ नहीं है कारी सईद अब्दुल अजीज की मौत का कारण

हालांकि, कारी सईद अब्दुल अजीज की मौत की वजह अभी तक साफ नहीं है। उसकी मौत की वजह से लश्कर के आतंकियों में हड़कंप है। इससे पहले, हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर का बड़ा कबूलनामा सामने आया था। कमांडर ने कहा कि 3-4 साल में “अज्ञात गनमैन” ने 30 से ज्यादा आतंकवादी मार दिए हैं।

लश्कर कमांडर ने भारतीय खुफिया एजेंसियों पर लगाया आरोप

वायरल वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हनीफ यह कहते हुए सुना गया था कि भारत की खुफिया एजेंसियों ने आजाद कश्मीर में भी उन्हें चैन से नहीं रहने दिया। उन्होंने अपने एजेंडे के तहत उनको मार डाला। यह कोई पहला केस नहीं है। असल में, पिछले 3 से 4 साल में ऐसी 30 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं।

पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में मारे गए लश्कर आतंकी

हनीफ ने आगे कहा कि कोई पेशावर में मारा गया, कोई रावलपिंडी में, कोई कराची में, कोई मुजफ्फराबाद में और कोई रावलकोट में। उनका कसूर क्या था? उनका एकमात्र दोष यह था कि वे अल्लाह में यकीन करते थे।

लश्कर-ए-तैयबा क्या है?

लश्कर-ए-तैयबा, पाकिस्तान का प्रतिबंधित इस्लामी आतंकी संगठन है। लश्कर की स्थापना 1980 के दशक के आखिर में हाफिज मुहम्मद सईद और अब्दुल्ला आजम ने की थी। इसका मकसद भारत के जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाना है। लश्कर, भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है।

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