बाराबंकी : नाना की मौत का गम लेकर लखनऊ पहुंचे किशोर की हादसे में मौत
आधी रात स्कूटी से सामान लेने निकला था शीतल, अज्ञात वाहन ने मारी पीछे से टक्कर।

रामसनेहीघाट, बाराबंकी। नाना की मौत की खबर सुनकर परिवार के साथ लखनऊ पहुंचे सुमेरगंज कस्बे के 14 वर्षीय किशोर की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। नाना के निधन का गम लेकर लखनऊ पहुंचे शीतल कुमार को क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद परिवार को दोहरी त्रासदी का सामना करना पड़ेगा। आधी रात के बाद सामान लेने स्कूटी से निकले शीतल को गोमतीनगर के ग्वारी मोहल्ले में अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किशोर ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सुमेरगंज निवासी संतोष कुमार जायसवाल के दूसरे नंबर के पुत्र शीतल कुमार कक्षा आठ का छात्र था। परिजनों के अनुसार शीतल के नाना गोमतीनगर के ग्वारी मोहल्ले में रहते थे। उनके निधन की सूचना मिलने पर शीतल परिवार के साथ लखनऊ गया था। बताया गया कि आधी रात के बाद शीतल स्कूटी से कुछ सामान लेने सड़क पर गया था। इसी दौरान पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में शीतल गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।एक ओर परिवार नाना के निधन के सदमे में था, वहीं दूसरी ओर नाती की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। शीतल की मौत की जानकारी सुमेरगंज पहुंचते ही कस्बे में मातम पसर गया। परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।परिजनों के मुताबिक शीतल पढ़ाई में होनहार होने के साथ ही शांत और मिलनसार स्वभाव का था। महज 14 वर्ष की उम्र में उसकी मौत से सहपाठी और शिक्षक भी गहरे सदमे में हैं। स्कूल में भी शोक का माहौल रहा।घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिचित और क्षेत्र के लोग शीतल के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। हर आंख नम थी। लोगों ने कहा कि नाना की मौत का गम बांटने लखनऊ गया शीतल खुद मौत के आगोश में चला गया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे सुमेरगंज को झकझोर दिया।

