अयोध्या : राम नगरी अयोध्या में भी तैयार होगी पुरातन चिकित्सा पद्धति की नर्सरी

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जिले की सीमा पर आकार लेने लगा राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज का भवन,दो ब्लाक बनकर तैयार,युद्ध स्तर पर चल रहा फिनीशिंग का कार्य

मवई,अयोध्या ! विपरीत परिस्थिति में अपना डंका बजाने वाली भारत की प्राचीन व पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद अब रामनगरी अयोध्या में सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप मजबूत होने जा रही है।जनपद की सीमा पर स्थित मवई ब्लॉक में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का भवन अब आकार लेने लगा है।इस मेडिकल कालेज के दो ब्लॉक बनकर तैयार हो गया।जबकि 4 अन्य ब्लॉक में छत तक कार्य पूर्ण हो गया है।प्लास्टर टाईलीकरण सहित फिनीसिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।अगले माह नए वित्तीय वर्ष की शुरूवाती दौर में ही ये भवन पूर्णतः बनकर तैयार हो जाने का दावा कार्यदाई संस्था द्वारा किया जा रहा है।ये दावा सही हुआ तो वो दिन दूर नही जब रामनगरी अयोध्या में भी पुरातन चिकित्सा पद्धति की नर्सरी तैयार होना शुरू हो जाएगा।यहां भी गांव गांव आयुर्वेद के चिकित्सक वैद्य जड़ी बूटियों द्वारा लोगों का उपचार करेंगे।
बताते चले कि माँजनपुर के जिस भूमि पर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है।इस पर लोगों का वर्षों से अवैध कब्जा रहा है।जिसे तत्कालीन डीएम अनुज झाँ द्वारा खाली कराया गया था।उसके बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ये भूमि मेडिकल कालेज के लिए प्रस्तावित की गई।3825.93 लाख की लागत से बन रहे इस मेडिकल कालेज भवन का निर्माण का जिम्मा जलनिगम की कार्यदाई संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज उत्तर प्रदेश का है।जिसका ठेका मेसर्स इमारा इंटर प्राइजेज को मिला है।मौके पर इस मेडिकल कालेज के निर्माण करा रहे राकेश द्विवेदी ने बताया कि इस राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज का निर्माण 25 मार्च 2022 से शुरू हुआ था,जिसे 25 मार्च 2024 में पूरा करने का लक्ष्य मिला है।इसमें कुल 6 ब्लॉक बनाए गए है।जिसके एक ब्लॉक में 60 बेड का हॉस्पिटल का रहेगा।60 बेड का एक गर्ल्स हॉस्टल व 60 बेड का एक ब्वॉयज हॉस्टल बनेगा।इस अलावा अगले ब्लॉक में टाइप 3 व टाइप 4 का रेजिडेंशियल आवास रहेगा।जिसका निर्माण पूरा हो गया है।बच्चों को पढ़ाने के लिए 4 फ्लोर का एकेडमिक ब्लॉक रहेगा।भवन अपना आकर ले लिया है।छत तक का कार्य लगभग पूर्ण है।70%टाइल्स का कार्य भी पूर्ण है।प्लास्टर व फिनिशिंग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

पहले शुरू होगी चिकित्सा बाद में शिक्षा-अभियंता

मवई ! राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में फिलहाल अभी युवाओं को पढ़ाई के लिए इंतजार करना पड़ेगा।यहां अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तो अंतिम दौर में है जो बहुत जल्द शुरू भी हो जाएगा,लेकिन अभी विभाग चिकित्सा सेवा ही शुरू करने के मूड में है।ऐसे में रामनगरी अयोध्या आने वाले साधु संतों समेत क्षेत्रीय लोगो को आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ मिलना तो शुरू हो जाएगा।लेकिन शिक्षा के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है।सीएनडीएस के अवर अभियंता शेख अली ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा हास्पिटल ब्लॉक को पहले शुरू करने की डिमांड की गई है।जो लगभग तैयार है सिर्फ फर्नीचर लगना बाकी है।वहीं जल निगम के अवर अभियंता प्रशांत यादव ने बताया कि वैसे इस आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में पहले चिकित्सा व्यवस्था शुरू होती है बाद में शिक्षण कार्य प्रारंभ होता है।इनका दावा है कि मौसम ने साथ दिया तो हम निर्धारित समयावधि में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लेंगे।

डा0 माखनलाल को मिला प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार,60 बच्चों को मिलेगा प्रवेश

लखनऊ स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कालेज और अस्पताल के प्रधानाचार्य डा0 माखनलाल को जिले में बन रहे आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।प्रोफेसर माखनलाल ने आपके अपने अखबार “हिंदुस्तान” को बताया कि नियमतः मेडिकल कालेज में दो वर्ष की चिकित्सा सेवा के उपरांत भारत सरकार की अनुमति बाद शिक्षण कार्य शुरू किया जाता है।इन्होंने बताया प्रथम चरण में 60 बच्चों का प्रवेश लिया जाएगा।नीट क्वालीफाई बच्चे ही प्रवेश ले पाएंगे।साढ़े 5 वर्ष के कोर्स पूरा करने के बाद इन बच्चों को बीएएमएस की डिग्री दी जाएगी।

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