कुंभ से 1200 अरब रुपए की आमदनी का अनुमान CII

लखनऊ। प्रयागराज में संगम की रेती पर बसे आस्था के कुंभ (Kumbh Mela 2019) से उत्तर प्रदेश सरकार को 1200 अरब रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई ने यह अनुमान लगाया है। सीआईआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित होने वाला कुंभ मेला हालांकि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है मगर इसके आयोजन से जुड़े कार्यों में छह लाख से ज्यादा कामगारों के लिए रोजगार उत्पन्न हो रहा है।

महाकुंभ में कामगारों के लिए रोजगार:

उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिन तक चलने वाले कुंभ मेले के लिए आयोजन के लिए 4200 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं जो वर्ष 2013 में आयोजित महाकुंभ के बजट का तीन गुना है। सीआईआई के अध्ययन के मुताबिक कुंभ मेला क्षेत्र में आतिथ्य क्षेत्र में करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा एयरलाइंस और हवाई अड्डों के आसपास से करीब डेढ़ लाख लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी। वहीं, करीब 45000 टूर ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा। साथ ही इको टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म क्षेत्रों में भी लगभग 85000 रोजगार के अवसर बनेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा टूर गाइड टैक्सी चालक द्विभाषिये और स्वयंसेवकों के तौर पर रोजगार के 55 हजार नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे सरकारी एजेंसियों तथा वैयक्तिक कारोबारियों की आय बढ़ेगी। सीआईआई के अनुमान के मुताबिक, कुंभ मेले से उत्तर प्रदेश को करीब 12 सौ अरब रुपए का राजस्व मिलेगा।

छह लाख रोजगार: सीआईआई:

सीआईआई रिपोर्ट में कहा गया है कि कुंभ एक आध्यात्मिक और धार्मिक आयोजन है, लेकिन इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से 6 लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिनों के कुंभ मेले के लिए 4200 करोड़ रुपए का आवंटन किया है।

किस सेक्टर में कितनी नौकरियां:

सीआईआई की स्टडी के मुताबिक, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा, तो एयरलाइन्स और एयरपोर्ट्स पर करीब 1.5 लाख लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा टूर ऑपरेटर्स 45 हजार लोगों को काम पर रखेंगे। इको टूरिजम और मेडिकल टूरिजम में 85 हजार को रोजगार मिलेगा। टूर गाइड्स, टैक्सी ड्राइवर्स, उद्यमी सहित असंगठित क्षेत्र में 50 हजार नई नौकरियां उत्पन्न होंगी। इससे सरकारी एजेंसियों और व्यापारियों की कमाई बढ़ेगी। बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक ऑस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा, मलयेशिया, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जिम्बावे और श्रीलंका जैसे देशों से आ रहे हैं।

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