हाईवे पर बुलेरो की टक्कर से युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम
अहिरौली गांव में मौसी को छोड़कर वापस लौटते समय हुआ हादसे का शिकार,पटरंगा थाना क्षेत्र के मटौली गांव समीप नेशनल हाइवे पर हुई घटना

फोटो : बाइक में टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित बुलेरो हाइवे के नीचे उतरी

मृतक लवकुश की फाइल फोटो
मवई संवाददाता ! अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह हुए एक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक की जान चली गई। आगे चल रही बाइक को पीछे से आ रही तेज रफ्तार बुलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल सीएचसी रुदौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक की पहचान पटरंगा थाना क्षेत्र के पूरे चौहान मजरे गनौली निवासी लवकुश कुमार रावत पुत्र राजेश कुमार के रूप में हुई है। हादसा सुबह करीब 6 बजे मटौली गांव के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया।परिजनों के मुताबिक, सोमवार को घर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में आई मौसी को छोड़ने के लिए लवकुश अहिरौली गांव गया था। वहीं से मंगलवार सुबह वह वापस घर लौट रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।सीएचसी से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।हाईवे चौकी प्रभारी राज कुमार ने बताया कि दुर्घटना में शामिल क्षतिग्रस्त बुलेरो वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। चालक की तलाश जारी है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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बुझ गया घर का चिराग,इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
मवई ! मटौली हादसे के बाद एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। 22 वर्षीय लवकुश कुमार रावत की मौत ने न सिर्फ एक जिंदगी छीनी, बल्कि पूरे परिवार की सांसें जैसे थाम दीं।सूरत शहर में मजदूरी कर रहे पिता राजेश का इकलौता बेटा व तीन बहनों का एक मात्र भाई लवकुश अब कभी घर नहीं लौटेगा।मां बाप को जिस बेटे से बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी,वो अब नहीं रहा।मौसी के घर से लौटते वक्त हुए हादसे ने खुशियों भरे आंगन को मातम में बदल दिया। जैसे ही खबर घर पहुंची, चीख-पुकार से माहौल गूंज उठा।मां का तो मानों कलेजा ही फट गया।वह बार-बार बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही है। बहनें बिलख-बिलखकर रो रही हैं।परिवार में दुःख का ऐसा पहाड़ टूटा, मानों जैसे उनकी दुनिया ही उजड़ गई हो।गांव में सन्नाटा पसरा है। हर आंख नम है, हर दिल भारी। एक घर का उजाला यूं ही बुझ गया।पीछे छोड़ गया सिर्फ आंसू, यादें और कभी न भरने वाला दर्द।

