कुशहरी गांव में ताहिर अली के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ , पिता की मौत के बाद जवान बेटे की भी सड़क हादसे में मौत।
भारी वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत,एनएच-27 पर आबदाना रेस्टोरेंट के सामने हुआ हादसा,रानीमऊ से भेलसर की ओर जा रहा था कुशहरी गांव का निवासी युवक।
फोटो : पटरंगा थाना क्षेत्र के हाइवे पर हुए हादसे के बाद उमड़ी भीड़।

मवई(अयोध्या) ! पटरंगा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-27 पर स्थित आबदाना रेस्टोरेंट के सामने बुधवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पीछे से आए भारी वाहन की टक्कर से बाइक सवार सड़क पर गिर पड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य वाहन ने उसे रौंदते हुए निकल गया।
मृतक की पहचान मवई थाना क्षेत्र के कुशहरी गांव निवासी मोहम्मद तबरेज (20) पुत्र स्व0 ताहिर अली के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तबरेज बाइक से रानीमऊ की ओर से भेलसर जा रहे थे,कि आबदाना रेस्टोरेंट के सामने पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर लगने से वह सड़क पर गिर पड़े।इसी बीच पीछे से आ रहे दूसरे भारी वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे चौकी प्रभारी राजकुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल उसे सीएचसी मवई भेजा,जहां मौजूद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पटरंगा थाने के प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव ने मृतक युवक मूलतः मवई क्षेत्र के कुशहरी गांव का निवासी है ,लेकिन पिछले कुछ दिनों से ये रानीमऊ चौराहे पर स्थित निर्मल कुटिया के पास रह रहे थे।इन्होंने बताया शव को सीएचसी से मवई पुलिस द्वारा कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
एक माह पहले मुखिया को खोया, अब सड़क हादसे ने छीन लिया जवान बेटा
कुशहरी गांव के ताहिर अली के परिवार पर कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि हर आंख नम हो गई। एक माह पहले सऊदी अरब में हुए सड़क हादसे में परिवार के मुखिया ताहिर अली की मौत हो गई थी। करीब 20 दिन पहले ही रुदौली के पूर्व विधायक रुश्दी मियां के प्रयास से उनका शव गांव पहुंचा था और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था। परिवार अभी घर के मुखिया की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि बुधवार को एनएच-27 पर हुए सड़क हादसे में बड़े बेटे मोहम्मद तबरेज (20) की भी जान चली गई। एक ही महीने में पिता और जवान बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव में मातम पसरा है।

