November 3, 2026

रामपुर के विधायक नंद लाल का निधन, लंबी बीमारी से जूझ रहे थे; क्षेत्र में शोक की लहर

रामपुर के विधायक नंद लाल का निधन, लंबी बीमारी से जूझ रहे थे; क्षेत्र में शोक की लहर

<span class="img-name">रामपुर विधायक नंद लाल का निधन। </span> <span class="img-source">Image Source : REPORTER INPUT </span>

हिमाचल प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट के विधायक नंद लाल का निधन हो गया है। वहीं उनके निधन की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के मुताबिक रामपुर के विधायक नंद लाल किडनी और प्रॉस्टेट की बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे थे। उनका कई सालों से डायलिसिस चल रहा था। बताया जा रहा है कि कल अचानक उनका हार्ट रेट हुआ कम, जिसे बाद उन्हें GMC से करीबन 3 बजे चमियाना शिफ्ट किया गया। लेकिन आज सुबह 5:30 बजे विधायक नंद लाल का निधन हो गया।

सीएम सुक्खू ने जताया दुख

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक पोस्ट में सीएम ने लिखा, “रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री नंद लाल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। नंद लाल जी अपने उसूलों पर अडिग रहने वाले और पार्टी के प्रति निष्ठावान नेता थे। उनका स्पष्ट विचारों वाला व्यक्तित्व सदैव याद किया जाएगा। वह सार्वजनिक जीवन में समाज के प्रति समर्पित रहे। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं संबल दें। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवार के साथ हैं। ॐ शांति।”

चार बार विधायक रहे नंद लाल

बता दें कि नंद लाल रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए थे। वह हिमाचल प्रदेश राज्य वित्त आयोग के सातवें आयोग के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने वर्ष 2007 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाते थे। कांग्रेस में उन्हें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समर्थक नेताओं में भी गिना जाता था।नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दीं। वह प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी रहे।नंद लाल वर्ष 1985 में एसपीजी में शामिल हुए थे और 1997 तक इस समूह में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें वर्ष 1982 के एशियाई खेल और 1983 में नई दिल्ली में आयोजित गुटनिरपेक्ष देशों की बैठक भी शामिल थी। उन्होंने वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर रामपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। (इनपुट- इंडिया न्यूज)

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