रुदौली : ख्वाजाहाल की रामलीला में रावण के दरबार में अंगद की ललकार से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
137वें रामलीला महोत्सव के आठवें दिन रावण- अंगद संवाद का जीवंत मंचन,अनुराग अग्रवाल के रावण और श्याम यज्ञसेनी के अंगद ने अभिनय से जीता दर्शकों का दिल।

फोटो : ख्वाजाहाल के रामलीला में रावण को ललकारते अंगद
अयोध्या : रुदौली नगर में चल रही ख्वाजाहाल की ऐतिहासिक रामलीला में रविवार को रावण-अंगद संवाद के मंचन ने दर्शकों में जोश भर दिया। रावण के अहंकार और अंगद की निर्भीकता के बीच तीखे संवादों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। 137वें रामलीला महोत्सव के आठवें दिन अयोध्या के पूर्व सांसद लल्लू सिंह भी लीला देखने पहुंचे। उन्होंने मंचन की सराहना करते हुए ख्वाजाहाल की रामलीला को अयोध्या ही नहीं, आसपास के कई जनपदों में भी विशिष्ट पहचान रखने वाला आयोजन बताया।
रामलीला में अनुराग अग्रवाल ने रावण और श्याम यज्ञसेनी ने अंगद की भूमिका में अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। प्रभु श्रीराम के दूत बनकर अंगद रावण की सभा में पहुंचते हैं और माता सीता को सम्मानपूर्वक लौटाकर युद्ध टालने की सलाह देते हैं। अहंकार में डूबा रावण उनकी बात मानने से इनकार कर देता है। अंगद का आत्मविश्वास, निर्भीकता और रावण का दंभ संवादों के जरिये मंच पर सजीव हो उठा। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय पर जमकर तालियां बजाईं।इसके बाद सेतु निर्माण और विभीषण की शरणागति के प्रसंग भी प्रस्तुत किए गए। इन दृश्यों के माध्यम से भगवान श्रीराम की मर्यादा, करुणा, धर्मनिष्ठा और शरण में आए व्यक्ति की रक्षा करने का संदेश दिया गया। राम की भूमिका अक्षत मिश्रा, लक्ष्मण की भूमिका अक्षांश मिश्रा और सीता की भूमिका श्रेयांस मिश्रा ने निभाई। हनुमान के रूप में मनीष चौरसिया और मेघनाद की भूमिका में पुनीत कसौधन ने प्रभावशाली अभिनय किया।शुक और सारण के किरदारों में शैलेंद्र शर्मा और रमेश गुप्ता ने अभिनय किया। वहीं, सुग्रीव की भूमिका संतोष राय, जामवंत की भूमिका अमित गुप्ता (मोनू) और विभीषण की भूमिका गणेश अग्रवाल ने निभाई।

