अयोध्या : मिल्कीपुर में टिकट की जंग के आसार, गोरखनाथ बाबा के तेवर से बढ़ी सियासी हलचल
2027 के चुनाव से पहले पूर्व विधायक की सक्रियता ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा,मौजूदा विधायक चंद्रभानु पासवान और गोरखनाथ बाबा की दावेदारी पर टिकी निगाहें।

मिल्कीपुर, अयोध्या ! विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन मिल्कीपुर में भाजपा के टिकट को लेकर सियासी चर्चाएं तेज होने लगी हैं। पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा की बढ़ती सक्रियता और चुनाव लड़ने को लेकर समर्थकों के बीच हो रही चर्चाओं ने नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पार्टी आगामी चुनाव में मौजूदा विधायक चंद्रभानु पासवान पर भरोसा कायम रखेगी या पूर्व विधायक को फिर मौका देगी।
मिल्कीपुर की राजनीति में गोरखनाथ बाबा और समाजवादी पार्टी के नेता अवधेश प्रसाद के बीच मुकाबला पुराना रहा है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर गोरखनाथ बाबा विधायक बने थे। हालांकि, 2022 के चुनाव में अवधेश प्रसाद ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद फैजाबाद सीट से सांसद चुने गए। उनके इस्तीफे से रिक्त हुई मिल्कीपुर सीट पर 2025 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने गोरखनाथ बाबा की जगह चंद्रभानु पासवान को प्रत्याशी बनाया।पासवान ने जीत दर्ज कर विधानसभा में जगह बनाई।अब 2027 के चुनाव को लेकर दोनों नेताओं की भूमिका पर चर्चा शुरू हो गई है। गोरखनाथ बाबा की सक्रियता को उनकी संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि मौजूदा विधायक चंद्रभानु पासवान भी स्वाभाविक रूप से टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं।हालांकि, भाजपा ने अभी प्रत्याशी को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। ऐसे में टिकट की खींचतान और पार्टी के भीतर चुनौती की तस्वीर फिलहाल संभावनाओं तक सीमित है।अंतिम फैसला नेतृत्व को करना है, लेकिन मिल्कीपुर में चुनावी चर्चाओं ने अभी से राजनीतिक माहौल गर्माना शुरू कर दिया है।

