बाराबंकी : औचक निरीक्षण में सीएमओ ने तीन माह से गैरहाजिर एसएलए की सेवा समाप्त करने के दिए निर्देश
नदारद कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब, एक्सपायर होने वाली वैक्सीन हटाने के आदेश; मरीजों को बेहतर उपचार देने पर जोर।
सूरतगंज (बाराबंकी) ! मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने गुरुवार दोपहर सीएचसी सूरतगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बिना सूचना अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ तीन माह से अनुपस्थित एसएलए सुजीत मोहन की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ ने पर्चा काउंटर का निरीक्षण कर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को कहा। इमरजेंसी में रजिस्टर और दवाओं की उपलब्धता जांची तथा इस माह एक्सपायर होने वाली वैक्सीन को तत्काल हटाने के निर्देश फार्मासिस्ट धनंजय सिंह को दिए। ओपीडी में जहरीला पदार्थ सेवन के बाद भर्ती मरीज पप्पू के परिजनों से जानकारी लेकर चिकित्सक डॉ. शेख रिजवान को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एक्स-रे कक्ष और लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान एएनएम आकांक्षा रिक्षलिया से प्रसूताओं की संख्या और प्रोत्साहन राशि के भुगतान की जानकारी ली गई। एएनएम ने बताया कि 479 प्रसूताओं में से 50 महिलाओं के बैंक खाते नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो सका है। सीएमओ ने भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने भर्ती प्रसूताओं अंजलि, पिंकी और सीमा से भोजन, नाश्ता और नवजात को पहला दूध पिलाने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मां का पहला दूध नवजात के लिए अमृत के समान है। प्रसूताओं से किसी प्रकार की अवैध धनराशि लिए जाने की भी जानकारी ली और मरीजों को पर्याप्त चादर उपलब्ध कराने को कहा।निरीक्षण के दौरान कोल्ड चेन, बाबू कक्ष, शौचालय, जन औषधि केंद्र सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। खराब कूड़ेदान हटाने, परिसर में साफ-सफाई और पेड़ों की छंटाई कराने के निर्देश दिए गए। जन औषधि केंद्र में बाहर की दवाएं नहीं रखने की हिदायत दी गई।सीएमओ ने मरीजों और तीमारदारों को सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने के लिए जागरूक किया। उन्होंने अधीक्षक डॉ. राजर्षी त्रिपाठी द्वारा अस्पताल के रखरखाव, हरियाली और समय पर उपचार की व्यवस्था की सराहना की। साथ ही क्षेत्र में संचालित अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी भी अधीक्षक को सौंपी।उन्होंने मोहम्मदपुर खाला पीएचसी पर जल्द स्थायी चिकित्सक की तैनाती का आश्वासन दिया। निरीक्षण के अंत में बिना लिखित सूचना अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब कर अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

