बाराबंकी : सावन के प्रथम दिन शिवमय हुआ लोधेश्वर धाम, बाबा के जलाभिषेक को उमड़ा आस्था का सैलाब
‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा सिद्धपीठ, भोर से देर शाम तक लगी रही श्रद्धालुओं की कतार,सावन भर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा व सुविधाओं के किए गए व्यापक इंतजाम।

आकाश दीप की रिपोर्ट
रामनगर, बाराबंकी ! देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास के प्रथम दिन गुरुवार को प्राचीन सिद्धपीठ लोधेश्वर महादेवा धाम आस्था, श्रद्धा और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोष गूंजने लगे। बाबा लोधेश्वर महादेव के पावन दर्शन और जलाभिषेक के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा धाम दिनभर शिवमय वातावरण में डूबा रहा।
सुबह से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर गर्भगृह में पहुंचते रहे। शिवभक्तों ने गंगाजल, दुग्ध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प, अक्षत और मौसमी फलों से भगवान लोधेश्वर का रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, संतान की उन्नति तथा विश्व कल्याण की मंगलकामना की। अनेक श्रद्धालु नंगे पांव लंबी दूरी तय कर बाबा के दरबार पहुंचे, जबकि कांवड़िए पवित्र जल लेकर सीधे जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों में भी भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।
मंदिर परिसर में घंटा-घड़ियालों की मधुर ध्वनि, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन दिखाई दिए। दर्शन के बाद श्रद्धालु “बोल बम” के जयघोष के साथ प्रसन्नचित्त होकर लौटते रहे। संध्या आरती के समय दीपों की आभा, धूप-दीप की सुगंध और शिव स्तुति ने पूरे धाम को आध्यात्मिक आलोक से भर दिया। आरती में शामिल श्रद्धालु भाव-विभोर होकर बाबा की भक्ति में डूबे नजर आए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरे दिन मुस्तैद रही। मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा शिविर, पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।धार्मिक मान्यता है कि स्वयंभू भगवान लोधेश्वर महादेव के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के कारण श्रावण मास में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों शिवभक्त यहां पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। प्रशासन का अनुमान है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ेगी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया गया है। सावन के पहले ही दिन उमड़ी श्रद्धा की यह विराट तस्वीर लोधेश्वर धाम की धार्मिक महत्ता और शिवभक्तों की अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण बन गई।

