रुदौली क्षेत्र में तीन दिन पूर्व हुए ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने किया खुलासा , मृतक की पत्नी ही निकली हत्या की सूत्रधार

प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने उतारा पति को मौत के घाट, अयोध्या घुमाने के बहाने रची थी खूनी साजिश,हथौड़ी से वार कर हत्या, लिंक रोड किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था शव,सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों से 72 घंटे में खुला ब्लाइंड मर्डर, पत्नी व प्रेमी गिरफ्तार।

रुदौली,अयोध्या ! रुदौली कोतवाली क्षेत्र में तीन दिन पूर्व मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने महज 72 घंटे में सुलझाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर जमीन के विवाद के चलते पति की हत्या की साजिश रची। अयोध्या घुमाने के बहाने घर से ले जाकर हथौड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को लिंक रोड किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल हथौड़ी भी बरामद कर ली है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 गौरव ग्रोवर के निर्देशन में कोतवाली रुदौली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश किया।पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को कूढा सादात मार्ग स्थित लिंक रोड के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। पोस्टमार्टम में सिर पर गंभीर चोटों के कारण हत्या की पुष्टि हुई थी।तफ्तीश के दौरान शव की पहचान बाराबंकी जिले के असंद्रा थाना क्षेत्र के पूरे ठोंडी मजरे कस्बा पैगम्बरपुर निवासी देवेंद्र कुमार वर्मा (48) के रूप में हुई।विवेचना में सामने आया कि मृतक की पत्नी सुभागिनी वर्मा (27) का अपने पति से जमीन अपने नाम कराने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान उसका विपिन वर्मा निवासी सराय पुरखू, थाना कोठी जनपद बाराबंकी से प्रेम संबंध हो गया। दोनों ने मिलकर देवेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।पुलिस के मुताबिक 11 जुलाई को सुभागिनी के कहने पर विपिन, देवेंद्र को अयोध्या घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। रास्ते में सुनसान स्थान पर हथौड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को सड़क किनारे झाड़ियों में छिपाकर दोनों फरार हो गए।घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी बरामद कर ली। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई पड़ताल के चलते इस ब्लाइंड मर्डर का सफल अनावरण संभव हो सका।

