July 10, 2026

बाराबंकी : रेफर के बाद दो घंटे तक इलाज को तड़पता रहा घायल, एंबुलेंस न मिलने का आरोप; अस्पताल में तोड़ा दम

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मुरारपुर मोड़ पर बोलेरो की टक्कर में गंभीर घायल हुआ था युवक, परिजनों ने पुलिस व एंबुलेंस सेवा पर उठाए सवाल।

बाराबंकी : राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर गुरुवार को हुए सड़क हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस और उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किए जाने के बावजूद घायल युवक करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में ही जिंदगी और मौत से जूझता रहा। जिला अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई।
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के मुरारपुर मोड़ के पास गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक अज्ञात बोलेरो ने तीन मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। हादसे में एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे करीब दस मिनट बाद बनीकोडर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे दोपहर तीन बजे से पहले ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर होने के बाद भी एंबुलेंस चालक घायल को जिला अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ, क्योंकि उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था। इसी दौरान पुलिस भी अस्पताल पहुंची, लेकिन काफी देर तक उसे उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान घायल ग्लूकोज की बोतल लगी अवस्था में अस्पताल परिसर में ही तड़पता रहा।करीब शाम पांच बजे युवक ने दम तोड़ दिया। लगभग आधे घंटे बाद रामसनेहीघाट क्षेत्र के नारायणपुर गांव से पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान शिवमगन चौहान (45) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि शिवमगन अपनी साली को छोड़ने पूरेदलई क्षेत्र के बरेठी गांव गए थे और लौटते समय हादसे का शिकार हो गए।सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि घायल की हालत अत्यंत गंभीर थी, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया था। वहीं रामसनेहीघाट कोतवाली प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि युवक की हालत गंभीर थी और उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात बोलेरो चालक की तलाश शुरू कर दी है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराकर घायल को जिला अस्पताल भेज दिया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने एंबुलेंस सेवा और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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