कोरोना वाइरस : क्या मच्छरों के काटने से  फैल सकता है या गर्म पानी से नही होगा कोरोना संक्रमण, जानें 15 बातें

नई दिल्ली : कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। भारत में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं। लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और गलत जानकारियां भी प्रकाशित हो रही हैं। इन अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रयास तेज किया है। डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर उपलब्ध और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे है। साथ ही हमारा प्रयास होगा, आपके हर सवाल का विशेषज्ञों से जवाब हासिल कर आप तक पहुंचाना। जानें कोरोना वायरस की हकीकत बताते 15 टिप्स-

कोरोना वायरस से जुड़ी लेटेस्ट भ्रांतियां और हकीकत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार-

1- थर्मल स्कैनर इंसानी शरीर का तापमान बताते हैं लेकिन इससे पता नहीं चलता कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण हैं या नहीं।

2- कोरोना वायरस के लिए जरूरी नहीं कि गर्म और उमस भरा वातावरण हो, यह किसी भी वातावरण में फैल सकता है।

3- कोई भी वायरस तभी खत्म होता है जब उसके अनुकूल वातावरण न मिले। बर्फ से कोरोना वायरस के मरने की बात कल्पना है।

4- सामान्य तौर पर इंसानी शरीर का तापमान 36.5 से 37 डिग्री सेल्सियस पर रहता है और यह बाहरी वातावरण से ज्यादा प्रभावित नहीं होता।

5- कोरोना वायरस गर्म पानी में भी जीवित रह सकता है। इसलिए यह भूल जाइए कि गर्म पानी में नहाने से कोरोना नहीं फैलता।

6- मच्छरों से कोरोना वायरस नहीं फैलता। यह एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो छींक या खांसी से एक से दूसरे में फैलता है।

7- जब कोई छींकता या खांसता है तो उसके मुंह या नाक से निकलने वाली थूक की बूंदों से कोरोना दूसरे लोगों को संक्रमित करता है।

8- निमोनिया की वैक्सीन जैसे- न्यूमोकोकल वैक्सीन और हीमोफिलस इनफ्लुएंजा टाइप बी वैक्सीन से इसका इलाज नहीं हो सकता।

9- अल्कोहल या क्लोरीन सिर्फ शरीर की ऊपर से सफाई करते हैं जबकि कोरोना वायरस शरीर के अंदर जाकर बीमार बनाता है। इसलिए इससे ठीक नहीं होता।

10- लहसुन में कई एंटी माइक्रोबियल तत्व होते हैं लेकिन लहसुन खाने से लोग कोरोना वायरस से बच सकते हैं, इसके प्रमाण नहीं मिले।
11- अल्ट्रावॉयलेट लैंप आपकी त्वचा पर अल्ट्रावॉयलेट रेडिएशन से जलन पैदा कर सकता है, इससे कोरोना वायरस भी नहीं मरेगा।

12- एंटीबॉयोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया को मारती हैं वायरस को नहीं। एंटीबॉयोटिक्स का उपयोग कोरोना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

13- सैलाइन (एक तरह का द्रव्य) से नाक साफ करने पर आपको कोरोना वायरस के संक्रमण से निजात मिलेगी, इसके प्रमाण अभी नहीं मिले हैं।

14- संक्रमित अधिकांश युवा 10 सेकंड से ज्यादा ही अपनी सांस को रोक पाएंगे इसलिए यह कहना गलत है कि 10 सेकंड तक सांस रोक लिया तो आप संक्रमित नहीं।

15- ढेर सारा पानी पिएं ताकि वायरस पेट में चला जाए और पेट का एसिड उसे खत्म कर दे, यह बात सही नहीं है।

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