अम्बेडकर नगर: भ्रष्टाचार में कार्यवाही के शिकार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर मेहरबान सूबे की सरकार

माडर्न मदरसा शिक्षक एसोसिएशन आफइण्डिया के अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी ने लगाये आरोप
शिक्षकों व मदरसा प्रबंधकों की शिकायत पर डीएमओ के खिलाफ जिलाधिकारी शासन को भेज चुके है पत्र

माडर्न मदरसा एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी

लखनऊ। माडर्न मदरसा एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद जमाल अहमद अंसारी ने राजधानी स्थित कार्यालय पर एक मुलाकात के दौरान अंबेडकरनगर में तैनात जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के भ्रष्टाचार को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि इसके बावजूद भी ‘‘भ्रष्टाचार विरोधी’’ सरकार मेहरबान है।उन्होने इस मौके पर कहा कि उक्त जिले में सिंह प्रताप देव की तैनाती है जिन्होने पद्भार ग्रहण करते ही भ्रष्टाचार की मंशा से शासन की नीतियों के खिलाफ कार्य करना शुरू किया और वर्तमान में बढ़ता ही जा रहा है। उन्होने कहा कि जब कि भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानसागर सिंह, विधायक टाण्डा संजू देवी, आलापुर अनीता कमल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं व संगठनों द्वारा शासन को पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें उनके कार्यकाल के दौरान बागपत, प्रतापगढ़ सहित अन्य जिलों में इस तरह भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गयाlजिसमें उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हुये हैं तथा निलम्बन की कार्यवाही हुई है और मामला हाईकोर्ट तक गया जहां से यह आदेश निर्गत है कि ऐसे अधिकारी को महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती न देकर कार्यालय में सम्बद्ध किये जाने को कहा गया है फिर भी अपनी गहरी पैठ के चलते उनके द्वारा अंबेडकरनगर में तैनाती ली गयी जहां उनके भ्रष्टाचार की शिकायतों में तत्कालीन डीएम सुरेश कुमार भी आजिज आ चुके थेlजिन्होने इनकी भूमिका को लेकर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ, अध्यक्ष राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग नई दिल्ली, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण उ.प्र. छठा तल, इंदिरा भवन लखनऊ, आयुक्त अयोध्या मण्डल अध्योया आदि को प्रेषित किया गया थाl

जिसमें इस आशय का उल्लेख है कि निर्देशो के बावजूद समय से कार्य न करना व मदरसों में शिक्षकों की अनियमित नियुक्ति, वेतन आदि के रूप में शासकीय धनराशि के दुरूपयोग में सिंह प्रताप देव लिप्त है। इसके बाद भी कई माह का समय बीतने जा रहा है लेकिन इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं हो सकीlजिसका मुख्य कारण उन पर प्रमुख सचिव, उप सचिव, अनुभाग अधिकारी व दो अन्य विभागों के प्रमुख सचिव का संरक्षण है जिसके चलते उनका बाल बाका नहीं हो पाया, इधर सोने में सुहागा तब हो गया जब उनके भ्रष्टाचार की साबसी सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव भी देने लगे और जिलाधिकारी भी मदरसा शिक्षकों के हित को नजरन्दाज कर रहे हैं।

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