नई दिल्ली : अयोध्या मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना होगी सुनवाई

नई दिल्ली ! उच्चतम न्यायालय राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में मंगलवार से रोजाना सुनवाई करेगा। मध्यस्थता के माध्यम से कोई आसान हल निकलने का प्रयास विफल होने के बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले की रोजाना सुनवाई करने का फैसला किया है।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ मामले की सुनवाई करेगी। पीठ में न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। पीठ ने दो अगस्त को तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। मध्यस्थता समिति के प्रमुख उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला थे। पीठ ने कहा था कि करीब चार महीने चली मध्यस्थता प्रक्रिया का अंतत: कोई परिणाम नहीं निकला।इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सितंबर, 2010 में अपने बहुमत के निर्णय में कहा था कि अयोध्या में विवादास्पद 2.77 एकड़ भूमि तीनों पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला- के बीच विभक्त कर दिया जाये। उच्च न्यायालय के इस फैसले को चुनौती देते हुये शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दायर की गयी हैं।

अयोध्या कार्यवाही रिकॉर्डिंग के लिए याचिका: न्यायालय ने कहा प्रशासनिक पक्ष में इसपर विचार करेंगे

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि प्रशासनिक पक्ष में इस बारे में विचार किया जायेगा कि क्या अयोध्या भूमि मामले में होने वाली सुनवाई की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग की जायेगी। न्यायमूर्ति एस ए बोबडे ओर न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व विचारक के एन गोविन्दाचार्य द्वारा अयोध्या मामले की रोजाना होने वाली सुनवाई का सीधा प्रसारण या इसकी रिकॉर्डिंग के लिये दायर याचिका का शीघ्र सुनवाई के लिये उल्लेख किया।इस पर पीठ ने विकास सिंह से कहा, ”हमें मालूम नहीं है कि क्या हमारे पास कार्यवाही के सीधे प्रसारण या रिकॉर्डिंग के लिये उपकरण हैं।” सिंह ने पीठ से कहा कि यदि कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने में कठिनाई हो तो सुनवाई की रिकॉर्डिंग करायी जा सकती है। पीठ ने इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध अस्वीकार करते हुये कहा कि यह एक ऐसा विषय है जो संस्थागत है और इस बारे में प्रशासनिक पक्ष में विचार किया जायेगा।शीर्ष अदालत ने 26 सितंबर, 2018 संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मसलों का सीधा प्रसारण करने की अनुमति देते हुये कहा था कि यह खुलापन ‘सूरज की रोशनी की तरह है जो सबसे अच्छा कीटाणुनाशक है।” राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व विचारक के एन गोविन्दाचार्य ने अयोध्या मामले की रोजाना होने वाली सुनवाई का सीधा प्रसारण या इसकी रिकॉर्डिंग कराने का अनुरोध करते हुये एक याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने शीर्ष अदालत के पिछले साल के फैसले का हवाला दिया और कहा कि जानने का अधिकार मौलिक अधिकार है और इसलिए अयोध्या मामले की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने के लिये आवश्यक आदेश पारित किया जाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !! © KKC News