Kkc न्यूज ! हजार रातों से बेहतर है रमजान की 27वी रात

फाइल फोटो-वरिष्ठ साहित्यकार अनवर हुसैन

इस रात अल्लाह अपने बंदों पर बेहद करम व फजल फरमाता है,रमजान गरीबों-जरूरतमंदों की मदद करने व नेक इंसान बनने का जरिया है।

आज 27वी रमजान पर विशेष

रुदौली(अयोध्या) ! रहमत बरकत व मगफिरत के पवित्र माह-ए-रमजान की 27वीं रात सबसे खास होती है।इस रात लगभग सभी मस्जिदों में होने वाली तरावीह की नमाज में कुरान पाठ मुकम्मल होती है।रमजान के माह में शबे-कद्र ऐसी ही खास और मुकद्दस (पवित्र) रात है जिसमें अल्लाह ने हजरत मोहम्मद (सल्ल.) के जरिए से कुरआने-पाक की सौगात दी।तहसील रुदौली के गेरोंडा गांव निवासी हाफिज महफूज अहमद ने बताया कि रमज़ान रहमत,बरकत व मगफिरत का महीना है।इसी महीने में 27 वीं की शब(रात) की इबादत की बेइंतिहा फजीलत है।”अल्लाह तआला अपने बंदों पर बेहद करम व फजल फरमाता है।”क़ुरआन” में जिक्र है कि इस रात में अल्लाह के फरिश्ते आसमान से जमीन-ए-दुनिया पर नाजिल होते हैं और नमाज-ए-फजर की अजान होने से पहले तक अल्लाह के बंदों की सलामती,रहमत व मगफिरत की दुआएं करते हैं।यह एक रात जिस इंसान को इबादत के लिए मिल जाये,उसे तिरासी साल की इबादत का सवाब अल्लाह अता फरमाता है।वही इसी गांव के निवासी मास्टर उजेर अहमद ने बताया कि “अल्लाह के रसूल ने फरमाया है कि जो इंसान रमजान का महीना पाए और अल्लाह से अपनी मगफिरत(गुनाहों से माफी) ना करा ले-वह बड़ा बदनसीब है।इसी महीने की लैलतुलकद्र की एक रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से अफजल है।रमजान अपने किरदार को संवारने,हुस्न-सलूक करने,गरीबों-जरूरतमंदों की मदद करने,सबका दुख-दर्द समझने,नेक इंसान बनने का ज़रिया है।वही मवई ब्लॉक अंतर्गत नेवरा गांव के रहने वाले वरिष्ठ साहित्यकार डा0 अनवर हुसैन का कहना है कि यूं तो रमजान के प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण है लेकिन इनमें से रमजान के अंतिम अशरा की 21, 23, 25, 27 और 29वीं रातों में से काेई एक रात शब-ए-कद्र होती है।इसलिए लोग इन रातों में जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं।इस रात खुदा की खास मेहरबानी इबादत करने वाले बंदों पर होती है।इस रात से सुबह तक अल्लाह की रहमत बंदों पर पानी की तरह बरसती है।इस पूरी रात जागकर मालिक की इबादत करने के साथ साथ गुनाहों की माफी भी जाती है।जिससे खुश होकर मालिक अपने बंदों को लोक परलोक सुधारने व उसको संरक्षित करने की पूरी गारंटी देता है।पुराय गांव के इंजीनियर सरफराज अहमद ने बताया कि शबे कद्र की रात की इबादत महीनों की इबादत से अफजल है।आज की रात कुराने पाक नाजिल/मुकम्मल हुआ।आज की रात बहुत बरकत की रात है।आज की रात की बरकत से अल्लाह तबारक व ताला खारे पानी को मीठा कर देता है।वही रानीमऊ के अनवर जमाल कहते हैं कि रमजान में सबसे महत्वपूर्ण 27वीं रमजान की रात है।इसलिए इस रात शब-ए-कद्र के लिए खास इबादत करने वालों की संख्या अधिक होती है।ये 26वीं रमजान के इफ्तार के बाद यानी शाम ढलते ही 27वीं रमजान की रात आरंभ हो जाएगी।इस दिन क्षेत्र की मस्जिदों में तरावीह में कुरान पाठ पूरी होने पर विशेष दुआ के बाद शीरनी भी बांटी जाती है।

ईद को लेकर बाजारों की बढ़ी रौनक

इबादत रहमतों से भरा पवित्र महीना रमजान ईद के साथ समाप्त हो जाएगा।इसे लेकर अभी से बाजारों में रौनक बढ़ गई है।लोगों द्वारा खूब खरीदारी की जा रही है। विशेषकर महिला और बच्चे इसकी तैयारियों में जुटे हैं। बाजारों में कपड़ों और कॉस्मेटिक सामग्री की खरीदारी जोरों पर है। घर सजाने की सामग्री भी बाजारों में बिक रही है।ईद को लेकर बाजारों में सैवइयां की खरीदी भी खूब हो रही है।

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