रमजान विवाद पर बोले असदुद्दीन ओवैसी, मुसलामानों का ठेका न लें सियासी पार्टियां


अभी हाल ही में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ है. जिसके बाद नया विवाद भी खड़ा हो गया है. कई राजनीतिक पार्टियों और लखनऊ ईदगाह के इमाम व शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने इस पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि 6 मई से 19 मई के बीच होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान रोज़ेदार मुसलमानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में रमजान के दौरान चुनाव की तारीख तय करने से पहले बातचीत करके सलाह करना चाहिए था. उधर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस विरोध को पूरी तरह नाजायज़ बताते हुए इसे बेकार की राजनीति करार दिया है.

रमजान को लेकर सियासत हुई तेज

लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद वोटिंग से ज्यादा रमजान पर सियासत तेज हो गई है. बंगाल से लेकर बिहार और यूपी से लेकर दिल्ली तक चुनाव और रमज़ान पर बयानबाजी हो रही है. विपक्षी नेता कह रहे हैं कि रमजान में वोटिंग होने से मुसलमानों को परेशानी होगी. वहीं भाजपा नेता शाहनवाज का कहना है कि रोज़े में क्या मुसलमान जरूरी काम नहीं करते. लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. ये दोनों ही चुनाव रमजान में हुए थे. हालांकि ये पहला मौका है जब आम चुनाव के लिए रमजान में वोट डाले जाएंगे.

बेवजह विवाद न बढ़ाये: ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने साफ लफ्ज़ो में कहा है कि रमजान के दौरान मतदान की तारीखों को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वो बेवजह और बेमतलब है. ये तो साफ़ है कि मुसलमान रमजान में ज़रूर रोज़े रखते हैं. लेकिन इससे उनकी सामान्य जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. लोग ऑफिस जाते हैं और गरीब से गरीब भी इस दौरान उपवास करता है. ओवैसी ने कहा कि मेरा मानना है कि रमजान में तो मुसलमान पहले से ज्यादा वोट करेंगे क्योंकि बाकी कामों से वो ज्यादा आज़ाद रहेंगे. ओवैसी ने कहा कि मैं सभी राजनीतिक पार्टियों और संगठनों से अपील करता हूं इस मामले को लेकर राजनीति न करें.

रोजेदारों को होगी परेशानी: मौलाना खालिद रशीद

लखनऊ ईदगाह के इमाम व शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने 6 मई से 19 मई के बीच होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. मौलाना फरंगी महली ने कहा है कि 5 मई को मुसलमानों के सबसे पवित्र महीने माहे रमजान का चांद देखा जाएगा. मौलाना ने कहा कि अगर चांद दिख जाता है तो 6 मई से रोजा शुरू हो जाएगा. रोजा के दौरान देश में 6 मई, 12 मई व 19 मई को मतदान होगा. जिससे देश के करोड़ों रोजेदारों को परेशानी होगी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को देश के मुसलमानों का ख्याल रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय करना चाहिए था. फरंगी महली ने चुनाव आयोग से इन तारीखों पर दोबारा से विचार करने की मांग की है.

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