अमेठी(यूपी):सेना के पास जल्द होगी अमेठी में बनी अत्याधुनिक एके-47 राइफलें

अमेठी !अमेठी जिले में बुधवार की देर शाम केंद्र सरकार ने रूस के साथ मिलकर जिन सात लाख 47 हजार अवाटोमेट कलाश्निकोव यानी एके राइफलों के निर्माण का करार किया है, उसका प्लांट अमेठी के कोरवा स्थित आयुध निर्माण फैक्ट्री में लगाया जाएगा। 28 फरवरी को संभावित अपने अमेठी दौरे पर प्रधानमंत्री इस यूनिट का शुभारंभ करेंगे। इस यूनिट से एके-47 राइफल की तीसरी पीढ़ी की अत्याधुनिक राइफलें एके-103 बनाई जाएंगी।लगातार राफेल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को घेरने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है। राहुल गांधी के प्रयासों से अमेठी के कोरवा में स्थापित आयुध निर्माण परियोजना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन प्रस्तावित है। एक दिन पहले भारत सरकार ने रूस सरकार से एके 47 की तीसरी पीढ़ी की राइफलें एके 103 बनाने का करार किया है। यह राइफलें अमेठी में बनेंगी और प्रधानमंत्री इसी निर्माण यूनिट का शुभारंभ करने यहां आ रहे हैं।
सबसे खतरनाक मानी जाती हैं कालाश्निकोव राइफलें हथियारों के जानकारों की मानें तो लाश्निकोव राइफलें दुनिया की सबसे खतरनाक हथियारों में शुमार की जाती हैं। एके-47 की मारक क्षमता वाली इन राइफलों की रेंज एके-47 से भी अधिक है। ये लगभग 500 मीटर दूरी तक मारक क्षमता की होती हैं।

तैयारियां जोरों पर

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर हालांकि अभी तक सब कुछ साफ नहीं है। लेकिन स्थानीय स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। आयुध निर्माण परियोजना कोरवा के अंदर काम तेजी से चल रहा है। वहीं जिला प्रशासन भी कार्यक्रम को लेकर कई राउंड बैठकें कर चुका है।

हर साल 45 हजार गन निर्माण का दावा।

408 करोड़ से अधिक लागत की कोरवा में स्थापित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की संस्तुति देकर मोदी सरकार एक और इतिहास लिखने की तैयारी कर रही है।कार्बाइन गन का निर्माण करने वाली है फैक्ट्री आने वाले समय में सेना के जवानों के लिए एके-47 सीरीज की मेक इन इंडिया कलाश्निकोव असाल्ट राइफल का निर्माण करने जा रही है।आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि यहां हर साल 45000 क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन का निर्माण करने का लक्ष्य है।

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