पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खेल रही मासूम बेटी की गोली लगने से मौत

लखनऊ ! लखनऊ में एक बार फिर लाइसेंसी असलहा एक बच्ची की मौत का कारण बन गया। ठाकुरगंज के बाबा हजारा बाग में पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खेल रही कक्षा-सात की छात्रा को गोली लग गई। कनपटी में गोली लगने से लहूलुहान बच्ची को घरवाले ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरुवार देर रात घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लाइसेंसी रिवाल्वर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।इंस्पेक्टर ठाकुरगंज अंजनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि बाबा हजारा बाग मोहल्ले में रहने वाले नरेन्द्र सिंह ठेकेदार हैं। उनके परिवार में पत्नी निर्मला, तीन बेटियां श्रेया, वसुंधरा (12) व वैधवी हैं। श्रेया हाईस्कूल, वसुंधरा सातवीं व वैधवी कक्षा-3 की छात्रा है। गुरुवार रात करीब 9:30 बजे श्रेया व वैधवी दूसरे कमरे में पढ़ाई कर रही थीं, जबकि निर्मला और वसुंधरा टीवी देख रहे थे। इस दौरान निर्मला की नजर टेबल पर रखी नरेन्द्र की लाइसेंसी रिवाल्वर पर पड़ी। असलहे को आलमारी के लॉकर में रखने के लिए वह दूसरे कमरे में चाभी लेने चली गई। इस बीच वसुंधरा ने रिवाल्वर उठा ली और उससे खेलने लगी। खेल-खेल में वसुंधरा ने दायीं कनपटी पर रिवाल्वर लगाकर ट्रिगर दबा दिया। इससे फायर हो गया और गोली उसकी कनपटी से आर-पार हो गई। गोली की आवाज सुनकर निर्मला भागकर कमरे में पहुंची तो बेटी खून से लथपथ पड़ी थी। उन्होंने शोर मचाकर पड़ोसियों को इक्ट्ठा किया जिसके बाद आनन-फानन में वसुंधरा को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देर रात घटना की सूचना ठाकुरगंज पुलिस को मिली। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद नरेन्द्र की लाइसेंसी रिवाल्वर कब्जे में ले ली। शुक्रवार सुबह चौक पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर अंजनी पाण्डेय ने बताया कि आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

मां ने रिवाल्वर से खेलने पर टोका था

पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद बच्ची के घरवाले किसी से कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। लेकिन, मौके पर मौजूद रिश्तेदार आपस में चर्चा कर रहे थे कि वसुंधरा जिस वक्त पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खेल रही थी, उस वक्त मां निर्मला ने उसे टोका था। लेकिन, बच्ची ने अपनी मां की बात को अनसुना कर दिया जिसके बाद घटना घट गई।

सत्यापन के लिए निकाला था असलहा

ठेकेदार नरेन्द्र सिंह ने बताया कि आगामी चुनाव के मद्देनजर पुलिस असलहों का सत्यापन कर रही है। गुरुवार को ठाकुरगंज थाने के पुलिस कर्मी उनके घर पर असलहे का सत्यापन करने आए थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस वालों को अपना शस्त्र लाइसेंस और असलहा दिखाया था। पुलिस के जाने के बाद नरेन्द्र ने रिवाल्वर को मेज पर रख दिया था और किसी काम से चले गये थे।

परिवार में छाया मातम

वसुंधरा की मौत ने परिवार को तोड़ दिया। देर रात घटना के बाद नरेन्द्र सिंह के घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। किसी को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था कि हर वक्त खुश रहने वाली वसुंधरा अब इस दुनिया में नहीं रही। नरेन्द्र को खुद को कोस रहे थे कि आखिर उन्होंने रिवाल्वर टेबल पर क्यों छोड़ दिया था।

पहले भी जानलेवा बने लाइसेंसी असलहे

★मड़ियांव में सिपाही अमरनाथ के बेटे ललित ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली से उड़ाया।
★आलमबाग में आरआई की लाइसेंसी रिवाल्वर से अचानक चली गोली से नाई बाबू की मौत।
★हजरतगंज के नानपारा हाउस में रियल स्टेट कारोबारी हिमांशू ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर दी जान।
★गोमतीनगर में रहने वाले इंस्पेक्टर हेमंत त्यागी ने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली।
★अलीगंज में फालोअर आशुतोष त्रिपाठी के बेटे ने पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर दी जान।

यूपी में सर्वाधिक लाइसेंसी असलहे

लाइसेंसी असलह लोगों के पास अपनी सुरक्षा से कम दिखावे के लिए ज्यादा है। आकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016 दिसम्बर तक देश भर में 33.69 लाख लाइसेंस असलहे हैं। इसमें से अकेला यूपी में 12.77 लाख लाइसेंसी असलहें हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !! © KKC News