विभाग नहीं ले रहा सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह की सुध, रुपयों के अभाव में बेटियों को स्कूल से निकाला गया

पिछले चार सालों से यूपी पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर जेल की सलाखों के पीछे है। जेल जाने के बाद से ही सब इंस्पेक्टर का परिवार उनकी रिहाई के लिए हर चौखट पर माथा टेक चुका है, लेकिन कोई भी उनकी मदद को तैयार नहीं है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद इस सब इंस्पेक्टर की बेटियां नहीं पढ़ पा रही हैं।

सब इंस्पेक्टर की बेटियों को स्कूल से निकाला गया

सूत्रों से मिली जनाकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह की दो बेटियों को फीस ने भर पाने की वजह से स्कूल से निकाल दिया गया है। सूत्रों ने बताया है कि जेल में बंद सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह की बड़ी बेटी इशिता कक्षा 2 में पढ़ती है और सौम्या अभी नर्सरी में है।

शैलेंद्र सिंह की छोटी बेटी सौम्या ने तो अपने पिता को ठीक से देखा भी नहीं है क्योंकि उसके जन्म के कुछ दिन बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। ऐसे में जेल जाने के बाद दबंग पड़ोसियों ने शैलेंद्र सिंह की जमीन-जायदाद भी हड़प ली। हालात इतने बुरे हो गए कि मुकदमें लड़ने के लिए शैलेंद्र सिंह की पत्नी को अपने सारे गहने बेचने पड़ गए। अब इस परिवार पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है।

जानकारों का कहना है कि जब नबी अहमद ने अपने साथी वकीलों के साथ सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह पर जानलेवा हमला किया तो दारोगा ने अपनी आत्मरक्षा में गोली चला दी। किस्मत का दस्तूर देखिए वो गोली वकील नबी अहमद को जा लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई

आत्मरक्षा में शैलेंद्र सिंह ने चलाई थी गोली

शैलेन्द्र सिंह के परिजनों सहित कुछ पुलिस कर्मियों का आरोप है कि नारी बारी पुलिस चौकी के इंचार्ज शैलेंद्र सिंह पर कोर्ट में जानलेवा हमला किया गया था। यह हमला उनपर नबी अहमद नामक वकील ने अपने साथी वकीलों के साथ कोर्ट में किया था। बताया जाता है कि मृतक वकील नबी अहमद पर आधा दर्जन मुकदमें दर्ज थे और वह काफी शातिर किस्म का व्यक्ति था।

आत्मरक्षा में चली गोली ने तहस-नहस कर दिया परिवार

जानकारी के मुताबिक, उस वक्त इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे साफ तौर पर देखा जा सकता है कि उस समय दर्जनों हमलावरों से घिरा अकेला सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह मोब लिंचिंग का शिकार हो रहा था जिसका नेतृत्व नबी अहमद कर रहा था। नबी अहमद साफतौर पर सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की पिटाई करते हुए देखा जा सकता था।


लेकिन आत्मरक्षा के लिए शैलेंद्र सिंह का गोली चलाना उनकी जिंदगी को तहस-नहस कर गया। इसके बाद वकीलों ने सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस देश में जहां अजमल कसाब जैसे आतंकवादी, जिसने सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया, उसे वकील मिल जाता है लेकिन अपनी आत्मरक्षा में गोली चलाने वाले यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर का केस लड़ने के लिए कोई वकील नहीं मिल पाया।

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