पटरंगा के मखदूमपुर में दबंगो ने खेला खूनी खेल,दस गम्भीर रूप से घायल छ: ट्रामा रेफर

वर्षो से चल रहे जमीनी विवाद में आज एक पक्ष द्वारा निर्माण शुरू करने के बाद बाहर से बुलाये लोगों की मदद से किया हमला।

पटरंगा थाना से करीब स्थित मखदूमपुर गाँव में बुधवार की सुबह आठ बजे हुआ ख़ूनीखेल।

इस खूनी खेल में हमलावरों ने दौड़ा दौड़ा बच्चे बूढ़े जवान सभी को किया मरणासन्न।

पटरंगा(फैजाबाद)! दिन बुधवार की सुबह वक्त करीब आठ बजे जब मखदूमपुर के लोग नित्यक्रिया आदि से मुक्त होकर अपने अपने काम पर जा रहे थे।कि तभी गांव पूर्वी-दक्षिणी टोले से अचानक लोगों चीख पुकार शुरू हुई।जिसकी गूंज पूरे गांव में गूंजने लगी।जब तक लोग वहां इकट्ठा होकर कुछ समझ पाते उससे पहले लाठी डंडा कन्नी बसुली ईंट बांस से लैस दर्जन लोग एक परिवार पर कहर बनकर टूट पड़े और दस मिनट के अंदर घर के बच्चे बूढ़े जवान सहित दस लोगों को लहूलुहान कर मरणासन्न अवस्था मे छोड़कर फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल रोशनलाल

लोगों की माने तो यहां एक पक्ष वर्षो से विवादित चल रहे भूमि पर दबंगई के बल पर निर्माण शुरू किया था।जिस पर दूसरे पक्ष के एक युवक ने विरोध किया तो पूरे प्लान के तहत एक पक्ष के लोग हमला बोलते हुए इस खूनी खेल को अंजाम दे डाला।खूनी खेल की ये वारदात पटरंगा थाना क्षेत्र के मखदूमपुर गाँव मे हुई।रंजिश में हुई खुली खेल के इस वारदात में जहां एक पक्ष से लगभग एक दर्जन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये है।जिसमें से सात लोगों का लखनऊ ट्रामा सेन्टर मे इलाज चल रहा है।वही दूसरे पक्ष से तीन लोगों को भी चोट आने की बात बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार मखदूमपुर गाँव में दो सगे भाई कामता प्रसाद पुत्र भिखारी लाल व अम्बिका प्रसाद पुत्र भिखारी लाल के बीच रास्ते को लेकर लगभग पाँच साल से विवाद चल रहा था।जिसमें दीवानी न्यायालय मे मुकदमा भी चल रहा है।मामले में सोनू पुत्र शारदा प्रसाद का आरोप है कि बुधवार की सुबह विपक्षी अम्बिका प्रसाद अपने लड़के व कुछ बाहरी लोगों की मदद से स्थगन आदेश के बावजूद उक्त विवादित भूमि पर दीवाल व दरवाजा का निर्माण करने लगे।जिस पर सोनू ने इन्होंने विपक्षी को हिदायत देते हुए कहा कि इस पर मुकदमा चल रहा है और इस पर कोर्ट का स्टे भी है।इसलिये अभी निर्माण न करिए जिस पर विपक्षी रजनीश कुमार पुत्र अम्बिका प्रसाद ने कहा कि आओ मै अभी यही पर आज तुम्हारा मुकदमा यही पर खत्म कर दे रहा हूँ।

बस इतनी सी बात पर आग बबूला हुए विपक्षी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस खूनी खेल की घटना को अंजाम दे डाला।सोनू का आरोप है कि विपक्षी ने पूरे प्लान के तहत बाहर से बुलाये अपने साथियों की मदद से इस परिवार वालो पर हमला कर दिया।घर के बाहर अंदर जो भी जहां मिला दौड़ा दौड़ाकर एक कर कर के सब को जमीन पर लेटाते गये।सभी खून से लथपथ होकर कराह रहे थे और मनबढ़ दबंग मौका पाकर घर के अंदर घुसे।वहां मौजूद महिलाओं को भी नही बक्सा।उन्हें मारपीट कर पहले मरणासन्न किया बाद में उनके हाथों में रहे गहनों को भी निकल लिया।

और भाग निकले।घटना की सूचना यूपी0-100 व पुलिस को दी गयी लेकिन आधा घंटे तक न पहुचने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेन्द्र कुमार को दी।उसके आनन फानन में घटनास्थल पर पहुंचे पटरंगा थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने सभी घायलों को प्राइवेट वाहन से सीएचसी मवई भेजा गया।जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद गम्भीर रूप से घायल रोशन लाल 40 वर्ष को जिला अस्पताल भेजा गया जहां पर आधे घंटे तक मरीज बाहर तड़पता रहा लेकिन कोई पुरसा हाल नही रहा।बाद मे डॉक्टरों ने भर्ती लेने के बाद तुरंत लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रिफर कर दिया।इधर सीएचसी मवई मे मौजूद अन्य घायलों को सीएचसी अधीक्षक डा रविकांत वर्मा ने हालत गंभीर बताते हुए लखनऊ ट्रामा सेन्टर के लिये रेफर कर एम्बुलेंस से भेजवा दिया।गंभीर रूप से घायलों मे शारदा प्रसाद 55 वर्ष कामता प्रसाद 60 वर्ष संतोष कुमार 16 वर्ष अंकित कुमार 15 वर्ष सचिन कुमार 9 वर्ष रूचि देवी 18 वर्ष गंगादेई 57 वर्ष मंजू देवी 22 वर्ष दयावती 35 वर्ष आदि सामिल है।वही दूसरे पक्ष से अम्बिका प्रसाद 50 वर्ष आरती देवी 45 वर्ष रजनीश घायल हुए है।जिसमें अम्बिका को जिला अस्पताल भेजा गया है।परिजन ट्रामा सेंटर लखनऊ में भर्ती रोशन लाल की हालत चिंताजनक बता रहे है।मामले में सोनू कुमार ने अम्बिका प्रसाद रजनीश कुमार दिनेश कुमार आरती देवी पूंजा देवी लक्ष्मी देवी व बाहर से आये दर्जन भर अज्ञात लोगों को नामजद करते हुए पटरंगा थाने में तहरीर दी है।इस घटना के बावत रूदौली क्षेत्राधिकारी अमर सिहं से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि मै सीएचसी मवई गया था और मै घायलों से मिल आया हूँ इसमे दोषियो को बक्सा नही जायेगा।

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कोर्ट से स्टे के बावजूद विवादित भूमि पर पटरंगा पुलिस करवा रही थी निर्माण

मवई !खूनी खेल के इस वारदात में लोग पटरंगा पुलिस पर सवाल उठा रहे है।लोगों का कहना है कि घटना के बाद पटरंगा पुलिस को सूचना दी गयी लेकिन पुलिस संवेदनहीन रही।और वह मात्र पाँच सौ मीटर की दूरी तय करने मे आधा घंटे लगा दिया।वो भी जब मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेन्द्र कुमार से गई तब।गम्भीर रूप से घायल पक्षों का आरोप है कि विपक्षीजनो से पटरंगा पुलिस मोटी रकम लेकर स्टे के बावजूद जबरन निर्माण करवाया रही थी।पीड़ित पक्ष के सोनू ने बताया इस मामले में उसने पहले भी पटरंगा थानाध्यक्ष से मदद की गोहार लगाई थी।लेकिन उन्होंने जबरन उसकी दीवाल उठवा दी।उसके बाद हम दीवानी में मुकदमा किए और स्थगन आदेश लाये बावजूद पुलिस निर्माण करवा रही थी।

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