अयोध्या में संरक्षण के अभाव में ढहाए जा रहे हैं प्राचीन जर्जर मंदिर, दर्जनों को नोटिस

अयोध्या : राम नगरी में सैकड़ों वर्षों से श्रद्धा व आस्था का केंद्र रहे दर्जनों प्राचीन मंदिरों को ढहाए जाने की तैयारी है। जर्जरता के कारण खतरनाक स्थिति में पहुंचे इन मंदिरों को चिन्हित कर नगर निगम नोटिस भी जारी कर दी है। नगर क्षेत्र में अधिकांश मंदिरों की पहचान उनकी ऐतिहासिकता व इतिहास के कारण होती है। संरक्षण के अभाव में यह मंदिर अब खतरनाक श्रेणी में शामिल हो गए हैं। प्रशासन के सख़्त रुख के बाद मंदिर प्रशासन स्वयं ही इन मंदिरों के जर्जर हिस्सों को गिरा रहे हैं।
हनुमान गढ़ी प्रशासन ने 500 वर्ष पुराने महाविरिया मंदिर को गिराने की कार्यवाही शुरू कर दी है। प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी के उज्जैनिया पट्टी ने स्वयं सैकड़ों वर्ष पुराने जर्जर महाविरिया मंदिर के शिखर को गिराए जाने का काम शुरू कर दिया है। यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। महंत संतराम दास ने बताया मंदिर काफी जर्जर हो चुका था इसलिए यह कार्यवाही की जा रही है

177 भवनों व मंदिरों को गिराने का जारी हुआ फरमान
नगर निगम 177 जर्जर भवनों व मंदिरों को नोटिस जारी कर कहा है, कि मालिक स्वयं छतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण करा लें अन्यथा उसे गिरा दिया जाएगा, जिसका शुल्क भी वसूला जाएगा। यह कदम नगर निगम ने वर्ष 2014 के सावन मेले के दौरान स्वर्ग द्वार मोहल्ले में बना पंचायती यादव मंदिर में हुए दुर्घटना के बाद उठाया है। जर्जर मंदिर रात में भरभरा कर गिर गया था, जिसमे दो श्रद्धालुओ की मौत हो गई थी और दर्जन भर घायल हो गए थे। इस प्रकार की दुर्घटना फिर न घटे इसको लेकर जिला प्रशासन सतर्क है ।

तोड़ने की नोटिस नहीं, सहेजने का काम करे प्रशासन
जर्जर प्राचीन मंदिरों को नगर निगम द्वारा गिराए जाने की नोटिस पर वीएचपी के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। इन्हें संरक्षण देने की आवश्यकता है न कि गिराने की। केंद्र सरकार अयोध्या के मंदिरों को भी उन योजनाओं में शामिल करे जैसे अन्य तीर्थ स्थलों के मंदिरों को शामिल कर रखा है।

ये है प्राचीन जर्जर मंदिर
– श्री राम निवास मंदिर,रामकोट
-दशरथ यज्ञशाला,रामकोट
-उदासीन मंदिर, गोला बाजार
-चतुर्भुजी मंदिर,रामपैडी के बगल
– शीषमहल मंदिर, देवकाली के निकट
-रामायण भवन, भागवत भवन, बेगमपुरा
-कसौधन पंचायती मंदिर, बेगमपुरा
-सियाशरण कुर्मी मंदिर, प्रमोदवन
-छोटी कुटिया, प्रमोदवन
-हनुमान कुटिया, हनुमानकुण्ड
-सियासत महोबा स्टेट, हनुमानकुण्ड
-राजा बोध सिंह मंदिर, नयाघाट
– शुकुल मंदिर, नयाघाट
-बेतिया मंदिर, मीरापुर
सहित कई औऱ मंदिरों के नाम सूची में दर्ज है।

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