गाजियाबाद में आवारा पशुओं का आतंक, 24 घंटे में 127 लोग शिकार
54 बच्चे भी घायल, सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की उमड़ी भीड़
फोटो-प्रतीकात्मक
गाजियाबाद। शहर में आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने वालों की भारी भीड़ देखने को मिली। पिछले 24 घंटे के भीतर 54 बच्चों समेत कुल 127 लोग आवारा पशुओं के हमले का शिकार हुए हैं। इनमें सात लोगों की हालत गंभीर बताई गई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक मामले आवारा कुत्तों के काटने के सामने आए हैं, जबकि कई लोगों को बंदरों और बिल्लियों ने भी घायल किया। बच्चों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं अभिभावकों ने नगर निगम और प्रशासन से आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की है।जिला एमएमजी अस्पताल में शनिवार को 190 लोगों ने पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई, जबकि संयुक्त अस्पताल में 121 मरीजों ने उपचार कराया। डूंडाहेड़ा स्थित संयुक्त अस्पताल में भी 27 लोग एआरवी लगवाने पहुंचे। अस्पतालों में वैक्सीन काउंटरों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आवारा पशु अधिक आक्रामक हो जाते हैं, जिससे काटने की घटनाओं में तेजी आती है। चिकित्सकों ने लोगों से सतर्क रहने, बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और किसी भी पशु के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान केवल कागजों तक सीमित हैं। लगातार बढ़ रही घटनाओं से शहरवासियों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

