बाराबंकी : हंसराज हत्याकांड में लिखित आश्वासन पर माने ग्रामीण, अब लेखपाल पर कार्रवाई का इंतजार
अंतिम संस्कार से परिजनों ने किया था इनकार, एसडीएम के समझाने और कार्रवाई के भरोसे के बाद शांत हुआ आक्रोश,जमीन विवाद में गोली लगने से हुई थी मौत, पांच लोगों पर मुकदमा; लेखपाल को तहसील मुख्यालय से किया गया संबद्ध।

बाराबंकी ! जमीन विवाद में गोली लगने से हुई मौत के बाद रेवतीपुरवा मजरे देवकली गांव में उपजा आक्रोश अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद शांत हुआ। बुधवार को प्रशासन ने परिजनों व ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजन शव के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब उनकी निगाहें आश्वासन के मुताबिक राजस्व कर्मियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
मंगलवार को रेतीपुरवा मजरे देवकली गांव में विवादित तालाब की भूमि पर कब्जेदारी को लेकर गांव निवासी हंसराज वर्मा और मनोज यादव के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान फायरिंग में हंसराज वर्मा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने आरोपियों के साथ-साथ संबंधित लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम हैदरगढ़ ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।

मृतक हंसराज की फाइल फोटो।
लेखपाल को तहसील मुख्यालय से संबद्ध किया
मामले में क्षेत्रीय लेखपाल को हैदरगढ़ तहसील मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की बात सामने आई है। वहीं दूसरे लेखपाल पर भी कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया है। इसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। पुलिस ने मृतक की पत्नी शिवकुमारी की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा देकर स्थिति संभाल ली, लेकिन अब जरूरत है कि दिए गए लिखित आश्वासन को अमल में लाया जाए। ग्रामीणों की नजर राजस्व विभाग की जांच और संबंधित कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई पर बनी हुई है।
कार्रवाई हुई तो मिला भरोसा
घटना के बाद ग्रामीणों में यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस जमीन के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप लिया, उसके राजस्व अभिलेखों और विवाद की स्थिति की निष्पक्ष जांच कब पूरी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन पर कितनी जल्दी अमल होता है।

