August 25, 2026

अयोध्या : फर्जी बीएएमएस डिग्री के सहारे चल रहा नर्सिंग होम, पंजीकरण निरस्त

शासन के निर्देश पर क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने पुलिस को दी तहरीर, 57 पेज के साक्ष्य सौंपे,सत्यापन में डिग्री, रोल नंबर और एनरोलमेंट नंबर पर उठे सवाल; पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप।

नरसिंह विशेष संवाददाता !

मिल्कीपुर, अयोध्या। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के कुमारगंज नगर पंचायत में कथित फर्जी बीएएमएस डिग्री के सहारे चिकित्सा संस्थान संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। जांच में एक चिकित्सक के शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध और कूटरचित पाए जाने का दावा किया गया है। शासन के निर्देश पर क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने संबंधित चिकित्सक का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही कुमारगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर के साथ 57 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं।

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी डा0 महेंद्र सिंह विष्णु के मुताबिक आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, आयुर्वेद भवन से प्रदेश में कथित फर्जी बीएएमएस डिग्री के आधार पर चिकित्सा कार्य कर रहे लोगों के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था। जांच में सामने आए मामलों में हरियाणा के रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से संबद्ध कुरुक्षेत्र स्थित श्रीकृष्ण गवर्नमेंट आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के नाम से जारी डिग्रियों का भी सत्यापन कराया गया।

सत्यापन में नहीं मिला डिग्रीधारी का रिकॉर्ड

अधिकारी के अनुसार कुमारगंज क्षेत्र के लिंक रोड मेवापुर, पोस्ट रसूलपुर लिलहा निवासी सुनील कुमार का आयुर्वेद भवन में पंजीकरण संख्या 66817 दर्ज था। पंजीकरण के लिए प्रस्तुत बीएएमएस की डिग्री के सत्यापन के लिए संबंधित कॉलेज से एनओसी मांगी गई। सत्यापन के दौरान कॉलेज की ओर से कथित तौर पर बताया गया कि सुनील कुमार नाम के किसी व्यक्ति ने वहां से बीएएमएस की डिग्री प्राप्त नहीं की है।जांच में बीएएमएस अंतिम वर्ष की अंकतालिका में दर्ज नाम और रोल नंबर व एनरोलमेंट नंबर के बीच भी विसंगति मिलने की बात सामने आई है। अधिकारी के मुताबिक छह जनवरी 2019 को जारी अंकतालिका में रोल नंबर और एनरोलमेंट नंबर किसी अन्य व्यक्ति के नाम से संबंधित पाए गए, जबकि अंकतालिका पर सुनील कुमार का नाम दर्ज था।

पुलिस को 57 पेज के दस्तावेज सौंपे

क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने बताया कि बोर्ड से प्राप्त जांच अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर संबंधित चिकित्सक का पंजीकरण निरस्त करते हुए कुमारगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। तहरीर के साथ 57 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं।बताया गया है कि संबंधित व्यक्ति पिछले कई वर्षों से कुमारगंज क्षेत्र में चिकित्सा प्रैक्टिस कर रहा था और एक नर्सिंग होम तथा मेडिकल स्टोर भी संचालित करता है। हालांकि, इन आरोपों और संस्थान के संचालन से जुड़े तथ्यों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

हरियाणा से जुड़े रैकेट की जांच की तैयारी

अधिकारियों के मुताबिक फर्जी बीएएमएस डिग्री उपलब्ध कराने वाले कथित नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। मामले में हरियाणा से जुड़े लोगों और संस्थानों की भूमिका की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जी डिग्री तैयार कराने और उसे पंजीकरण के लिए इस्तेमाल करने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप:

अधिकारी की ओर से तहरीर और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कुमारगंज पुलिस द्वारा अभी तक एफआईआर दर्ज न किए जाने का आरोप है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कब शुरू करती है।

Discover more from KKC News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading