बाराबंकी में अप्रेंटिसशिप को नई उड़ान, 125 युवाओं को मिले प्रमाणपत्र
डीएम ईशान प्रताप सिंह की पहल से प्रशिक्षण से रोजगार तक बनेगा सतत चक्र,उद्योगों और आईटीआई के समन्वय से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने पर जोर।
बाराबंकी। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बाराबंकी प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की पहल पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और उद्योगों-शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर कार्यशाला आयोजित हुई। इस दौरान प्रथम चरण में अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण पूरा करने वाले 125 युवाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

कार्यशाला में डीएम ने कहा कि अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण और रोजगार के बीच मजबूत कड़ी है। उद्योग, शिक्षण संस्थान और प्रशासन मिलकर काम करें तो स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से लेकर अप्रेंटिसशिप और स्थायी रोजगार तक की व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

हर माह एक्सपर्ट लेक्चर और इंडस्ट्रियल विजिट
कार्यशाला में उद्योगों और आईटीआई संस्थानों की मैपिंग, रिक्तियों का नियमित संकलन, एक्सपर्ट लेक्चर, इंडस्ट्रियल विजिट, अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार मेलों और पोस्ट प्लेसमेंट कमेटी के गठन की जानकारी दी गई।इस मौके पर डीएम ने अपनी पहल के दूसरे चरण के तहत ‘प्रशिक्षण से अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार तक (2026-27) सतत चक्र’ का विमोचन किया। इसके तहत राजकीय आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और स्थायी रोजगार से जोड़ने के लिए व्यवस्थित तंत्र विकसित किया जाएगा।योजना में उद्योगों की रिक्तियों का नियमित संकलन, पोस्ट अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट समिति, मासिक एक्सपर्ट लेक्चर व इंडस्ट्रियल विजिट, रोजगार मेले, मेधावी प्रशिक्षार्थियों की सूची, कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट से चयन और चयनित युवाओं के लिए पिक-एंड-ड्रॉप सुविधा जैसे प्रावधान शामिल हैं।डीएम ने उद्योग प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक युवाओं को योजना से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बाराबंकी को कौशल विकास और अप्रेंटिसशिप के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जनपद बनाया जा सकता है।कार्यक्रम में सीडीओ अन्ना सुदन, एसडीएम फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, आईआईए पदाधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, आईटीआई अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

